Kiski dulhan [part 15]
भानु ,मोहिनी और' रत्न प्रताप राजवीर 'तीनों उस कारागार में घूमते हुए ,'अभिलेख कक्ष ''में पहुंच जाते हैं। वहा…
भानु ,मोहिनी और' रत्न प्रताप राजवीर 'तीनों उस कारागार में घूमते हुए ,'अभिलेख कक्ष ''में पहुंच जाते हैं। वहा…
केतकी बड़ी मुश्किल से ,छठवीं कक्षा उत्तीर्ण करती है किन्तु आगे पढ़ने से इंकार कर देती है जबकि उसके माता -पिता चाहते थे कि वो आगे प…
तरु की छांव में ,बैठी युवती' पथ' निहारती। कर्म करता पथ , कहो, सुंदरी !तुम किसे निहारती ? तुम कितने शांत, पथ ! अडिग, धैर…
कच्ची मिटटी ,कभी 'पगडंडी' सी ! कभी 'संकरी' ,कभी बनी 'विस्तृत ! कभी गड्ढे ,कभी टूटी, कीचड़ भरी, कभी उबड़…
'न्याय की खोज' के लिए हमें कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होती, हमारा अंतर्मन जानता है कि क्या सही है और क्या गलत है ? …
शांत मन ,'मौन' रहकर अपने आपको टटोलता है। ज्ञान की धारा बही ,तब मौन अंतर्मन में झांकता है। वेदना की पराकाष्ठा ,मौन रहना…
हालाँकि कस्तूरी अपने पति चतुर के कामों में कोई दिलचस्पी नहीं लेती थी। चतुर भी, उसकी तरफ से निश्चिन्त था। चतुर जो भी कर रहा है ,क…
कोई भी... पीछे मुड़कर मत देखना।"रत्न प्रताप राजवीर ने, बहुत धीमी आवाज़ में दोनों को चेतावनी दी थी, उसमें ऐसा भय था, कि मोह…