Rasiya [ part145]
हालांकि शिल्पा ने, चतुर को पैसे देने में, अपनी विवशता जाहिर की थी, कि वह उसे समय पर पैसे नहीं दे पाएगी किंतु फिर भी उसने, सारी र…
हालांकि शिल्पा ने, चतुर को पैसे देने में, अपनी विवशता जाहिर की थी, कि वह उसे समय पर पैसे नहीं दे पाएगी किंतु फिर भी उसने, सारी र…
मोहिनी के इतना कहते ही ,कि उसने अपनी बंद आँखों से एक छोटी बच्ची और आग देखी है। यह सुनते ही ,रत्न प्रताप राजवीर के हाथों से तल…
अंधरे में अचानक वो साया, मोहिनी के क़रीब आया और उसे वही चमड़े वाली डायरी दी ,जो 'सभा कक्ष '' से चोरी हुई थी और वो मोह…
मुरली जब अपने घर पहुंचा, तो उसके माता-पिता हैरत में पड़ गए। आखिर इसका, इस तरह यहाँ आना कैसे हुआ ? इसने तो कोई सूचना भी नहीं दी। …
वो अजनबी, काले कपड़ों वाला नक़ाबपोश और मोहिनी ''गोल कक्ष ''में उस मानचित्र को देख रहे थे ,उधर भानु ने भी आगे का रा…
अगले दिन केतकी फिर से अपने खेतों में व्यस्त थी, तभी वह लड़का फिर से उसके करीब आया और बोला - ए ...तुम, कौन हो ? तुम्हें ,इससे क…
मोहिनी को, उस अजनबी नक़ाबपोश ने बताया था ,इस मानचित्र पर जो लाल बिंदु दिख रहे हैं ,वो जीवित व्यक्तियों के हैं और ये जो सफ़ेद बिंदु…
रत्ना, जब से अपनी ससुराल में विवाह करके आई है, वहां उसे हर सुख -सुविधा मिली है किंतु फिर भी उसे एक परेशानी है ,जो रह-रह कर उसे स…