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Ameer shahar ki garib galiyan

शहरों की उन मासूम, ग़रीब गलियों में , जहाँ लोग जाते नहीं ,'बद्नुमा दाग़' कहते हैं।   कुछ सपने, आशाओं संग, उम्मींदें पलती …

Khamosh dewaren

खामोश रहना है तो, इन दीवारों से सीखिए !  ये सब कुछ देखती है, सुनती हैं, किंतु खामोश रहती हैं।   लोग कहते हैं -''दीवारों…

Zeenat [part 36]

ख़ालिद भी जब ज़ीनत से रिश्ते के लिए मान जाता है। तब ज़ोया ने  सोचा - कोई बात नहीं,मेरे कहें में इस वक़्त कोई नहीं किन्तु अब तो सलमा,…

Zeenat [part 35]

वाहिद,शाम को जब अपने घर आते हैं , तब ख़ालिद उनसे जानना चाहता है कि उसके चचाजान घर पर किस लिए आए थे ? यह बात, तब ज़ोया को भी पता चल…

Zeenat [part 34]

जब यूसुफ मियां , अपने घर वापस लौट कर आए तो सलमा उनका बेक़रारी से इंतजार करती हुई दिखलाई दी।  उनके आते ही ,उसने पूछा -उन्होंने क्य…

Zeenat [part 33]

रुकैया जब यहां आई थी , वाहिद जानते थे , वो ज़ीनत के बारे में पूछताछ कर रही थी,जरूर कुछ तो बात हुई है ,जो वो इस तरह से पूछताछ कर …

Zeenat [part 32]

खाना, खाने के बाद सलमा, अपने शोेहर युसूफ मियां के करीब आकर बैठ गई।  सुबह का माहौल तो बहुत ही ग़मगीन रहा ,इसीलिए तो यूसुफ़ घर से बा…

Kon kitana sanskari ?part 2

अभी तक आपने पढ़ा ,प्रियंका की दादी गांव से आई हैं और उसे सही तरीके से व्यवहार करने को कहती हैं। तब प्रियंका दादी से कहती है -ऐसे …

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