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Shaitani sa......6

चिड़ियों की चहचाहट के स्वर के साथ ही, केतकी की माँ की नींद खुल गयी ,बाहर आकर देखा ,दिन निकलने ही वाला है। उन्हें घड़ी देखने की आ…

Rasiya [part 135]

उर्वशी संक्षेप में, अपने पति समीर को बताती है - जिस दिन चतुर  के घर का मुहूर्त था , उसी दिन पुलिस उसे लेने आ गई। कमाल की बात त…

Rangon ki kahani

मम्मी मुझे रंगों के विषय में बताइए ! हमारी मैडम ने रंगों की कहानी लिखने के लिए कहा है। कहते हुए, कृति अपनी मम्मी के इर्द-गिर्द …

Apna khyal rkhana

अपने को जब तुम ,तन्हा पाओ  !   फ़िक्र में अपनों की,तन्हा!दिन न कटते हों।   तब अपने आप को, संभाले रखना !  धैर्य मत खोना ,'अप…

Rasiya [part 134]

चतुर अपने घर में आये मेहमानों को ,तन्मय का परिचय कराते हुए कहता है -परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, ये पुलिसवाला ! मेरे बचपन क…

Lekhak ka kamra

' विचार' भावनाएं 'किसी जगह या समय के मोहताज नहीं हैं।  वो  कभी भी, कहीं भी आ जा सकते हैं।  उनके लिए कोई विशेष कमरे क…

Kabhi dekha hai

कभी देखा है तुमने, लेख़क का कमरा ! जहां सपने पलते हैं ,वो उड़ान भरता है।  अपनी कल्पनाओं को, जीता है।  मन में उठते शोर को थाम , श…

Shaitani sa......5

केतकी, भोजन करके हाथ धोने के लिए नल पर गयी थी ,वहां भी उसे अपने पिता के स्वर सुनाई दे रहे थे - अब और नहीं, अब मैंने सोच लिया है …

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