Meri naiya
सच्चाई की डगर पर यह नाव चल पड़ी है। बुराई को पीछे धकेल आगे निकल पड़ी है। शोर मन का अब थम न सकेगा,आएगा बाहर, दिल की कुछ बातें,…
सच्चाई की डगर पर यह नाव चल पड़ी है। बुराई को पीछे धकेल आगे निकल पड़ी है। शोर मन का अब थम न सकेगा,आएगा बाहर, दिल की कुछ बातें,…
अपने होने का अर्थ समझाया, मुझे मेरी सांसों ने , मेरे अपने होने का अर्थ बतलाती है ,मेरी धडकनें। सोचती -समझती हूं , सुनती हूँ ,रू…
'प्यार' मीठे और प्यारे एहसासों का एक ऐसा दरिया है, जिसमें डूबने को दिल करता है और जब इंसान एक बार उसमें डूब जाता है तो …
मोहिनी उस गुप्त कक्ष से बाहर गलियारे में आती है और जैसे ही डायरी का अंतिम पृष्ठ खोलकर देखना चाहती है ,पूरा गलियारा अँधेरे में डू…
मोहिनी ने जैसे ही सुरंग के रास्ते जाकर वो लोहे का दरवाजा खोला , दरवाज़ा धीरे-धीरे चरमराता हुआ, खुल गया ,अंदर पूरा कमरा अँधेरे मे…
रात के दस बज चुके थे, अभी से ही पूरी हवेली में सन्नाटा फैलने लगा। सभी नौकर भी अपने-अपने कमरों में जा चुके थे ,सिर्फ़ मुख्य प्रव…
शाम को शिल्पा ने, समय से ही भोजन बना दिया ,आज सुबह समय पर भोजन न बना सकी, इस बात का उसे अफ़सोस था इसीलिए स्कूल से आते ही, आराम कर…
सागर से मिलन की आस लिए ,नदी आगे चली। प्रीत मेरी अद्भुत, हिम शिराओं से निकल चली। कभी इठलाती, बलखाती, टकराती बढ़ती रही। बाधा को…