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Khoobsurat [part 115]

मधुलिका ,बेटे का बहाना बनाकर ,कुमार के साथ घूमने के लिए आगरा आती है किन्तु मधुलिका का वहाँ आने का असली उद्देश्य क्या है ? ये तो …

Zeenat [ part 1]

''ज़ीनत '' हां उसका यही नाम था, किंतु मेरा परिचय उसके इस नाम से नहीं हुआ था, मेरा परिचय उसके उस नाम से हुआ था, जो…

Aaj ka satsang [part 5]

“संयम” प्रियजनों, आज हम जिस विषय पर विचार क…

Do panktiyan

अभी आई थीं ,दो पंक्तियाँ ! न जाने कहाँ फुर्र हो गयीं हैं ? अधरों की मुस्कान से लेकर, भँवों की कमान हो गयीं हैं।  प्रफुल्लित हो ,…

Zara thahro !

ये बीमारी, ये थकन ,कहती है -   थाम भी लो ! अब अपने बढ़ते क़दम !  घुटनों का दर्द कहता - बहुत चले हो ,तमाम उम्र ! अब तो हम भी, दुखन…

Aaj ka satsang [part 4]

“समर्पण भाव '' प्रियजनों, आज हम जिस विषय प…

Khoobsurat [part 114]

कुमार बाहर जाने के लिए तैयार हो रहा था ,तभी उससे मधुलिका ने पूछा -कहाँ जा रहे हैं ?और जब कुमार ने बताया कि वो काम के सिलसिले में…

Khoobsurat [part 113]

कुमार के वहां से आ जाने के पश्चात 6 महीने तक, यामिनी ने उससे कोई संपर्क नहीं किया। कुमार भी, थोड़ा सुकून महसूस कर रहा था क्योंकि…

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