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Rasiya [part 140]

शाम को शिल्पा ने, समय से ही भोजन बना दिया ,आज सुबह समय पर भोजन न बना सकी, इस बात का उसे अफ़सोस था इसीलिए स्कूल से आते ही, आराम कर…

Nadi ka safar

सागर से मिलन की आस लिए ,नदी आगे चली।  प्रीत मेरी अद्भुत, हिम शिराओं से निकल  चली। कभी इठलाती, बलखाती, टकराती बढ़ती रही।  बाधा को…

Rasiya [part 139]

आज सुबह ही प्रवीण और शिल्पा में हल्की झड़प हो गयी थी। प्रवीण नहीं चाहता था कि शिल्पा घर से बाहर जाकर कमाए !घर में ही इतने काम हैं…

Shaitani sa......8

बादलों की गड़गड़ाहट और बदलते मौसम को देख, सबको विश्वास हो गया,   आज बरसात होगी।  सभी के चेहरों पर खुशियां नजर आ रही थीं। हुआ भी यह…

Kiski dulhan [part 7]

चाबी के किनारे पर बहुत छोटे अक्षरों में कुछ खुदा हुआ था ,मोहिनी ने उसे खिड़की की रोशनी में ध्यान से देखा। उस पर लिखा था—"र…

Kiski dulhan [part 6]

जब मोहिनी ने, भानू से पूछा -क्या आप इस विवाह के लिए तैयार हैं ? तब भानू ने बिना देर किये कहा -'नहीं ' मुझे किसी की मजबूर…

Kahan kho gye

वो मेरा बालपन, मेरा बचपन ! मेरा लड़कपन , मेरा वो भोलापन, मेरी मासूमियत ! मुझे वापस लौटा दो ! अजनबियों भीड़ में ,न जाने कहाँ खो ग…

Kiski dulhan [part 5]

कमरे की दीवार पर लगी, बड़ी घड़ी की टिक-टिक मोहिनी के भीतर चल रहे तूफ़ान से, कहीं धीमी थी।उसने अपने को शांत करने का प्रयास भी किय…

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