Khoobsurat [part 133]
कल्पित ने आज अचानक रोहिणी से पूछा -क्या तुम मेरे साथ बाज़ार चलकर, मेरे साथ ,मेरे बॉस के '' विवाह की वर्षगांठ ''…
कल्पित ने आज अचानक रोहिणी से पूछा -क्या तुम मेरे साथ बाज़ार चलकर, मेरे साथ ,मेरे बॉस के '' विवाह की वर्षगांठ ''…
रोहिणी बगीचे में ,अपने बेटे को टहला रही थी ,आज उससे मिलने कहें ,या फिर उस बगीचे में टहलने के लिए ,अभी कल्पित नहीं आया है। अभी रो…
हवेली की शुद्धि के लिए महात्मा हवेली में आते हैं और रूही से पूछते हैं ,उसने अपराधियों को दंड देकर उचित किया किन्तु क्या वो संतुष…
आज, जब ज़ीनत घर में आई तो थोड़ा परेशान थी ,उसे अपने शौहर के साथ न रहने पर दुःख था। न जाने क्या -क्या सोचती रहती है ? तभी तो कई बात…
भूमि ,को ज़ीनत की बातें सुनकर ,उसे अपनी एक 'धार्मिक पुस्तक ''दुर्गा सप्तशती ''की किताब के एक पाठ की कुछ बाते…
जब ख़ालिद के पिता ज़ीनत के लिए रिश्ता लेकर अपने भाई यूसुफ़ के घर पहुंचे ,तब यूसुफ़ ने , उन्हें अपनी समस्या बतलाते हुए ,उस रिश्ते से …
इंस्पेक्टर कुणाल ,कल्पित को समझाते है और उससे कहते हैं -तुम्हें हमने जिस कार्य के लिए भेजा था ,अभी तक तुम उसमें सफल नहीं हुए हो।…
कल्पित यह सब क्या चल रहा है ? नाराज होते हुए इंस्पेक्टर कुणाल ने उससे पूछा। तुम लोगों को मिलते हुए ,इतने दिन हो गए। तुम, अभी तक…