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Mysterious nights [part 175]

पार्वती का हवेली में आने का उद्देश्य उनके दुःख में सम्मिलित होना ही नहीं वरन वो रूही को समझाना भी  चाहती थी। अब ये मौत का ताँडव …

Mysterious nights [part 174]

यह हवेली, अब कितनी सुनसान लग रही है ?' मौत का मातम' जो छाया हुआ है।  कुछ देर पहले, यहां विलाप हो रहा था। अपनों के बिछड…

Mysterious nights [part 173]

रूही ने जिन बुजुर्ग़ को हवेली के आस -पास कई बार देखा था ,उन्हें आज भी ,उस हवेली की तरफ उदास नजरों से देखते हुए देख लिया। जब पुनीत…

Zeenat [part 18]

जो नारी एक राजनीतिज्ञ बनकर, राजनीति में भी हिस्सा लेती है ,उसमें अपना अहम योगदान देती है,एक शिक्षिका बनकर ,देश की भावी पीढ़ी को…

Zeenat [part 17]

मिसेज गुप्ता आगे बोलीं  -तुम्हें यकीन नहीं होगा, वह तो इसका[संजय खन्ना ] इतना साहस नहीं होता, वरना यह पड़ोसियों को भी ना छोड़े !…

Abhiman nahi

जरूरी नहीं, महफ़िल के चार लोगों में ही, मेरी पहचान हो।  अपने आप को परखने के लिए,  क्या' हम ही 'काफी नहीं ? बहलाने के लिए…

Mysterious nights [part 172]

एक दिन मेरे सपने में तुम्हारी दादी आई ,वो लहूलुहान थी ,रो रही थी। मैंने अपने बच्चों से बताया और कहा -मुझे लगता है ,तुम्हारी मां …

Mysterious nights [part 171]

अपने पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर, गर्वित हवेली पहुंच जाता है और रोता है, अपने आप को कोसता है और कहता है -''मैं कितना …

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