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Zeenat [part 59]

पुनीत अब नाराज़ होने लगा था ,वो देख रहा था ,भूमि उसकी बातों में कुछ ज्यादा ही ध्यान देती है। उसने भूमि से कई बार कहा ,''इ…

Zeenat [part 58]

ज़ीनत चाहती थी, जिन लोगों के घर उसने पहले काम किया है, जिनसे उसकी जान -पहचान है। वे ,उसके  काम न करने के बाद भी, उसे उसी तरह मन स…

Zeenat [part 57]

जब पुनीत को, उसके बेटे ने बताया कि,'मम्मी किस तरह घबरा गयीं थीं ,ज़ीनत  बहुत देर तक सोती रही थी।'' उनकी मुस्कुराहट दे…

Zeenat [part 56]

भूमि ने पूछा ,अब तो तुम्हारे भाईजान तुम्हें मिल गए थे ,फिर तुम्हें अपने साथ क्यों नहीं ले गए ? पता नहीं,  बाजी ! मुझे तो ख़ुशी थी…

Zeenat [part 55]

अचानक ही ज़ीनत का भाई इतने वर्षों के पश्चात उसे मिल ही जाता है। इतने दिनों का गुस्सा आंसू बनकर बह निकला। उसके मिलने की ख़ुशी , मन …

Chehre ke pichhe chehra

चेहरे के पीछे ,छुपा चेहरा देखती हूं।  ' मैं 'क्या से क्या हो गई हूं ? कभी नादान थी, आज'' चट्टान'' हो गई…

Zeenat [part 54]

ज़ीनत अपने बच्चों को ,ले जाकर एक पुल के नीचे रहने लगी। कुछ शराबी , एक अकेली अनजान, बेसहारा,लाचार औरत को देखकर वहां भी आ ही जाते। …

Bhool gayi

सबको खुश करने की चाहत में,' खुद' खुश रहना भूल गई।  भरोसा पाने की धुन में,  खुद पर 'भरोसा 'करना भूल गयी।   दिन दे…

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