Kiski dulhan [part 53]
भानु ने, सभी के सामने उस पर्ची को पढ़कर बताया ,जिसने भी ये पर्ची भेजी है ,वो जानता है कि मोहिनी हर रात्रि दो बजे कहीं जाती है। …
भानु ने, सभी के सामने उस पर्ची को पढ़कर बताया ,जिसने भी ये पर्ची भेजी है ,वो जानता है कि मोहिनी हर रात्रि दो बजे कहीं जाती है। …
चतुर का व्यवहार धीरे -धीरे आस -पड़ोस के लोगों में चर्चा का विषय तो बना, किन्तु कोई भी उसके मुँह पर कुछ नहीं बोलता,किसी को क्या ज…
मोहिनी ने अपनी साँस रोक ली।भानु का चेहरा कठोर हो गया,उसने पूछा -क्या तुम राजवीर की बात कर रहे हो ?”रूद्र ने कोई उत्तर नहीं दिय…
सुनंदा इन बातों से थक चुकी है, ये बातें सुनते - सुनते उसके' कान पक गए हैं।' जब वह तेइस वर्ष की थी तभी से उसकी मम्मी उसके…
इस कुलक्छणी ,सांड को ,इसने मेरी छाती पर लाकर रख दिया। तृप्ति की सास बाहर जोरों से चिल्ला -चिल्लाकर उसे कोस रही थी। घूंघट में तृ…
सुबह की पहली रोशनी की किरण ,हवेली की ऊँची खिड़कियों से भीतर उतर रही थी। रात में जो कुछ हुआ था, उसके निशान अभी भी सबके चेहरों पर …
मोहिनी जानना चाहती थी ,जिस कक्ष में वो तीनों बच्चे खेलते थे ,आज वो सुरक्षित क्यों नहीं है ? जिस आदमी से, उन्होंने हमें बचाया ,क्…
मोहिनी जानना चाहती है ,उस बच्ची का क्या नाम है ? बच्ची ने मुस्कुराकर कहा—जब तुम मुझे पहचानोगी, तब समझ जाओगी। अचानक दूर से किसी व…