Talab mein mili lash
न जाने , ये किसकी होगी ? नाक पर रुमाल रखकर यही सोच कर कुछ लोग आगे आते और नाक -मुंह सिकोड़कर उसे देखते और पीछे हट जाते। वो लाश ,त…
न जाने , ये किसकी होगी ? नाक पर रुमाल रखकर यही सोच कर कुछ लोग आगे आते और नाक -मुंह सिकोड़कर उसे देखते और पीछे हट जाते। वो लाश ,त…
अब तक भानु और मोहिनी अपनी सच्चाई की तलाश में हवेली के गलियारों में भटक रहे हैं। वो अपने जीवन की सच्चाई जानना चाहते हैं जो उनसे …
केतकी बेचैन ,परेशान सी घूम रही थी उसका किसी भी कार्य में दिल नहीं लग रहा था। जब से वो श्याम से मिली थी ,तबसे उससे मिलने की इच्छा…
नंदिनी की नानी चाहती थी ,दीपक हमारे घर आये और उससे कुछ बातें हों ,मेलजोल बढ़े और उसके विषय में कुछ जानने का मौका मिले, किन्तु नंद…
एक कक्ष, जिसे रत्न प्रताप राजवीर ने ,पच्चीस बरस पहले बंद कर दिया था। आज उसी कक्ष में से एक आवाज आई ,जो मोहिनी को पुकार रही थी। र…
चिंतामणि ,अपनी बेटी केतकी के प्रति ,अपने पति केशवदास के सामने चिंता व्यक्त करती है। हमारी लड़की अब अन्य लड़कियों की तरह नहीं रही …
' केतकी' जब से ,'श्याम' से मिली है , उसे आजकल बहुत अच्छा लगने लगा है। कभी -कभी स्वतः ही मुस्कुराने लगती है। आज न…
मोहिनी को, जो तस्वीर मिलती है ,तब उसे देखकर रत्न प्रताप राजवीर कह्ते हैं ,मोहिनी और भानु की माँ की कहानी एक -दूसरे से जुडी हुई ह…