Dhokha [part 44]
नंदिनी बेमन से ,उसको देखने आये, लड़के के घरवालों के सामने आ जाती है, किन्तु यह जानकर हैरत में पड़ जाती है कि उसको देखने कोई और नही…
नंदिनी बेमन से ,उसको देखने आये, लड़के के घरवालों के सामने आ जाती है, किन्तु यह जानकर हैरत में पड़ जाती है कि उसको देखने कोई और नही…
नंदिनी अपने ख्यालों में खोई हुई आईने के सामने बैठी ,अपने जीवन के विषय में सोच रही थी। तभी उसे बाहर शोर सुनाई दिया -मेहमान, आ गए…
अभी मोहिनी और भानु को ,कक्ष में जो संदूक मिला था ,उसके सामान की जाँच कर रहे थे। तभी विक्रम हवेली में आ जाता है और उन्हें फोन पर …
मोहिनी और भानु उस कमरे में पहुंचते हैं ,जहाँ शायद कभी उनका बचपन बीता था। अपनी अधूरी यादें लेकर वो कमरे में प्रवेश करते हैं। वहां…
मोहिनी,जब हवेली में पहुंची ,तब उसके पिता ने ,उसे बताया - उसके पास अभी एक दरवाजा और खोलने के उत्तरदायित्व था, तब मोहिणी पूछती है …
केशवदास जी ने ,आज श्याम को अपने अहाते में पकड़ लिया। यह देखकर उन्हें क्रोध तो बहुत आया किन्तु क्या कर सकते थे ? बेटी का मामला है …
घर में बैठकर सभी परिवारजन, टेलीविजन पर एक फ़िल्म देख रहे थे। उसमें एक लड़की अपनी सहेली के जन्मदिन पर उसके यहां पार्टी में जाती है…
मोहिनी जब अपने बचपन के रहस्यों को सुलझा रही थी ,तभी उसे उसकी मौसी सुधा मिली ,जिसने उसे बहुत महत्वपूर्ण बातें बताईं। तब सुधा ने …