Dhokha [part 27]
नंदिनी, छत पर कपड़े सुखाने जाती है .आज उसका मन प्रसन्न था और दीपक से, जब से उसकी बातें हुई है , उसके मन का बोझ जैसे हल्का हो गया…
नंदिनी, छत पर कपड़े सुखाने जाती है .आज उसका मन प्रसन्न था और दीपक से, जब से उसकी बातें हुई है , उसके मन का बोझ जैसे हल्का हो गया…
भानु और मोहिनी सुरंग के रास्ते से होते हुए ,एक कक्ष में पहुंचते हैं और वहां पर उन्हें कुछ सामान और टेप रिकार्डर ''मिलता …
शिल्पा बहुत परेशान थी और वो अब चाहती थी ,कि प्रवीण को बिना पता चले ही, उसकी समस्या का समाधान हो जाये। वो,अपनी सहेली तन्वी से कुछ…
मोहिनी , भानु की बाँहों में अचेत हो गयी ,और जब उसकी आँखें खुलीं ,तो ऐसा लग रहा था ,जैसे वो अपने आप में नहीं है ,वो शून्य में देख…
केतकी ने जैसे ही आईने को छुआ ,तब उसे कुछ दिखलाई दिया। तब उससे भानु ने पूछा -तुमने क्या देखा ? एक बहुत छोटी बच्ची और उसे गोद मे…
बचपन के वो दिन, छुप-छुपकर मम्मी की साड़ी बांध लेना। अपने को,आईने में देख, कर इठलाना। आईने से घंटों छुप-छुपकर बातें बनाना। आ…
श्याम ,केतकी को बताता है -मैंने ,तुम्हें,तुम्हारे भाई के विवाह में देखा था। तब केतकी कहती है - अच्छा ! वहां तो और भी लड़कियां थ…
जब मोहिनी ने उस कक्ष में प्रवेश किया , तब उसके पांव के नीचे पायल आ गयी ,मोहिनी ने झुककर उस पायल को उठाया ,उसकी आँखें अचानक ठहर ग…