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Mysterious nights [part 190]

हवेली में पहुंचते ही, सभी घरवालों से गर्वित का सामना हुआ और उन्होंने गर्वित से पूछा- रूही कहां है ? उस समय पार्वती भी हवेली में …

Coffee or tum

आज इस गुलाबी शाम को आराम करते हैं।        आओ ! ये शाम ,आज तुम्हारे नाम करते हैं।      कॉफी की प्यालियों से शाम की शुरुआत …

Aham

भले ही , 'फेरों' पर कुछ कदम पीछे चलती हूँ।        तो क्या ?तुमने देखा नही।   कुछ कदम आगे भी तो' ध…

Mysterious nights [part 189]

गर्वित के मन में ,बार -बार एक ही प्रश्न उठ रहा था ,आख़िर रूही हमें अपने गांव में लेकर क्यों आई ? सम्पूर्ण सच्चाई अपने घर में अपने…

Mysterious nights [part 188]

न जाने रूही, क्या सोचकर गर्वित को साथ लेकर, अपने घर आई थी और उसी के सामने, अपने सभी रहस्य खोल रही थी ? तब वो अपने माता -पिता से …

Zindagi

पल में रुलाती, पल में खुश कर जाती,   तितली सी... रंगीन नज़र आती है।   कभी लगता , हाथ में आ गई है।  तो कभी लगता, हाथों से छूट गई…

Mujhe manjur nhi

माना कि, मुझे तुझसे कुछ शिक़वे थे ,कुछ शिकायतें थीं।  तेरा इस कदर मुंह मोड़ कर चले जाना मुझे मंजूर न था।  माना कि, जब हम मिले थे,…

Khoobsurat [part 145]

कल्याणी जी ,अपनी बेटी से मिलने के लिए उतावली हो रहीं थीं ,उससे पहले जब शिल्पा को पता चलता है ,कि कल्पित पुलिस का ही आदमी है और य…

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