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Lockdown ke dinon ka pyaar

ललित ने कुछ दिनों तक ही नौकरी की थी, किंतु एक दुर्घटना में ,उसके पैर की हड्डी टूट जाने के कारण उसको नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा और …

Kalpna

उम्मीदों  के दिए जला, मैंने एक दुनिया बसा ली है।  मेरी कल्पना की बगिया में शब्द, रंग, भाव माली हैं।  दिल में किसी के न दुर्भावना…

Zeenat [part 60]

ज़ीनत का, इतना बड़ा झूठ जानकर सुदीप को आश्चर्य हुआ ,उसे विश्वास नहीं हो रहा था ,ये इतना बड़ा झूठ भी बोल सकती है। आखिर इतना झूठ बोलन…

Zeenat [part 59]

सुदीप  अब नाराज़ होने लगा था ,वो देख रहा था ,भूमि उसकी बातों में कुछ ज्यादा ही ध्यान देती है। उसने भूमि से कई बार कहा ,''…

Zeenat [part 58]

ज़ीनत चाहती थी, जिन लोगों के घर उसने पहले काम किया है, जिनसे उसकी जान -पहचान है। वे ,उसके  काम न करने के बाद भी, उसे उसी तरह मन स…

Zeenat [part 57]

जब सुदीप को, उसके बेटे ने बताया कि,'मम्मी किस तरह घबरा गयीं थीं ,ज़ीनत  बहुत देर तक सोती रही थी।'' उनकी मुस्कुराहट दे…

Zeenat [part 56]

भूमि ने पूछा ,अब तो तुम्हारे भाईजान तुम्हें मिल गए थे ,फिर तुम्हें अपने साथ क्यों नहीं ले गए ? पता नहीं,  बाजी ! मुझे तो ख़ुशी थी…

Zeenat [part 55]

अचानक ही ज़ीनत का भाई इतने वर्षों के पश्चात उसे मिल ही जाता है। इतने दिनों का गुस्सा आंसू बनकर बह निकला। उसके मिलने की ख़ुशी , मन …

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