Rasiya [part 147]
शिल्पा बहुत परेशान थी और वो अब चाहती थी ,कि प्रवीण को बिना पता चले ही, उसकी समस्या का समाधान हो जाये। वो,अपनी सहेली तन्वी से कुछ…
शिल्पा बहुत परेशान थी और वो अब चाहती थी ,कि प्रवीण को बिना पता चले ही, उसकी समस्या का समाधान हो जाये। वो,अपनी सहेली तन्वी से कुछ…
मोहिनी , भानु की बाँहों में अचेत हो गयी ,और जब उसकी आँखें खुलीं ,तो ऐसा लग रहा था ,जैसे वो अपने आप में नहीं है ,वो शून्य में देख…
केतकी ने जैसे ही आईने को छुआ ,तब उसे कुछ दिखलाई दिया। तब उससे भानु ने पूछा -तुमने क्या देखा ? एक बहुत छोटी बच्ची और उसे गोद मे…
बचपन के वो दिन, छुप-छुपकर मम्मी की साड़ी बांध लेना। अपने को,आईने में देख, कर इठलाना। आईने से घंटों छुप-छुपकर बातें बनाना। आ…
श्याम ,केतकी को बताता है -मैंने ,तुम्हें,तुम्हारे भाई के विवाह में देखा था। तब केतकी कहती है - अच्छा ! वहां तो और भी लड़कियां थ…
जब मोहिनी ने उस कक्ष में प्रवेश किया , तब उसके पांव के नीचे पायल आ गयी ,मोहिनी ने झुककर उस पायल को उठाया ,उसकी आँखें अचानक ठहर ग…
जब शिल्पा से, उसके पति प्रवीण ने, उसकी सहेली का नाम और पता जानना चाहा ,तब घबराहट के कारण शिल्पा का दिल जैसे उछलकर बाहर आ जाये…
जब 'रक्षक मंडल 'का नेता मोहिनी के लिए कहता है -'उसे हमारे हवाले कर दो !'तब भानु उनके मध्य आ जाता है। वो नाराज हो…