Mysterious nights [part 161]
रूही हवेली के पिछले द्वार पर खड़े किसी बुजुर्ग़ को देखती है और उनसे बात भी करना चाहती है ,किन्तु उस बुजुर्ग़ व्यक्ति ने, न ही उसे …
रूही हवेली के पिछले द्वार पर खड़े किसी बुजुर्ग़ को देखती है और उनसे बात भी करना चाहती है ,किन्तु उस बुजुर्ग़ व्यक्ति ने, न ही उसे …
अभी कुछ देर पहले ही तो, सब हंस बोल रहे थे, दोनों भाइयों में झगड़ा भी हुआ था। गौरव ! तो पूर्णतया स्वस्थ था, फिर अचानक इसे क्या हो…
दमयंती जी जब गर्वित और गौरव का झगड़ा सुलझाने छत पर जाती हैं ,तब गौरव अपना संदेह रूही पर जतलाता है -कहीं ऐसा तो नहीं, रूही हममें फ…
दमयंती। आज बहुत दिनों के पश्चात, छत पर आई है। उम्र भी तो ढलने लगी है, नीचे ही बहुत काम हो जाता है किंतु आज बच्चों के कारण, उसे …
अपनी बेचैनी में मधुलिका ,मंकु को लेकर ताजमहल के समीप पहुंच जाती है और वहां पहुंचकर, आस -पास देखती है ,कहीं कुमार यहाँ, हमसे पहल…
यह सब क्या हो रहा है ? मधुलिका जितना कुमार पर विश्वास करने का प्रयास करती है, उतना ही उसके विपरीत हो जाता है,जब भी सोचती है ,मै…
मधुलिका ,बेटे का बहाना बनाकर ,कुमार के साथ घूमने के लिए आगरा आती है किन्तु मधुलिका का वहाँ आने का असली उद्देश्य क्या है ? ये तो …
''ज़ीनत '' हां उसका यही नाम था, किंतु मेरा परिचय उसके इस नाम से नहीं हुआ था, मेरा परिचय उसके उस नाम से हुआ था, जो…