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Zeenat [part 45]

एक दिन  ज़ीनत से उसकी अम्मी पूछ रही थीं  - क्या तुम भी अपने भाइयों के साथ वहां गयीं थीं ? ज़ीनत ने हाँ में गर्दन हिलाई।  वहां तुमन…

Zeenat [part 44]

घर में सभी को पता चल गया था ,ख़ालिद के जाने का उन्हें ,ग़म तो हुआ किन्तु अपने बच्चों की भी फ़िक्र होने लगी। अब इन्हें जेल जाने से क…

Zeenat [part 43]

खालिद की मौत हो चुकी है ,यह बात जब सलमा को पता चली, तो उसकी रूह कांप गई और वह घबरा गई कि अब उसके घर पर मुसीबतें आने वाली हैं। कभ…

Kismat ka you turn

जिंदगी अपनी राह पर बढ़ती चली जा रही थी।  न जाने , वह कहां और किधर जा रही थी  ? न मंजिल का था पता, न ही कोई राह सूझती थी।  जिंदगी…

Zeenat [part 42]

सैयद और नाज़िम ,   ख़ालिद को बहकाकर उससे कुबूल करवाना चाहते थे कि उसने ही ज़ीनत के साथ ऐसी ग़लत हरक़त की ,तब ख़ालिद ने ये बात मंजूर कर…

zeenat [part 41]

सैयद और  नाज़िम की ख़ालिद से अच्छी दोस्ती हो गयी। वो उनसे बात तो करता था किन्तु एक दूरी बनकर रखता था। किन्तु नाज़िम भी अपने काम के …

woh jo kbhi mra nahi

कल्पित ने, आज अपनी किताब में एक नया ही अध्याय पढ़ा था, अमर होने का अध्याय ! जिसमें उसे ज्ञात हुआ -'अमृत' पीकर इंसान अमर…

Zeenat [part 40]

नाज़िम और सैयद चाय की टपरी पर मिलते हैं ,जहाँ पहले से ही ख़ालिद बैठा हुआ था।    अब तक तो ख़ालिद ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया था किन…

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