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Khoobsurat [part 133]

कल्पित ने आज अचानक रोहिणी से पूछा -क्या तुम मेरे साथ बाज़ार चलकर, मेरे साथ ,मेरे बॉस के  '' विवाह की  वर्षगांठ ''…

Khoobsurat [part 132]

रोहिणी बगीचे में ,अपने बेटे को टहला रही थी ,आज उससे मिलने कहें ,या फिर उस बगीचे में टहलने के लिए ,अभी कल्पित नहीं आया है। अभी रो…

Mysterious nights [part 180]

हवेली की शुद्धि के लिए महात्मा हवेली में आते हैं और रूही से पूछते हैं ,उसने अपराधियों को दंड देकर उचित किया किन्तु क्या वो संतुष…

Zeenat [part 26]

आज, जब ज़ीनत घर में आई तो थोड़ा परेशान थी ,उसे अपने शौहर के साथ न रहने पर दुःख था। न जाने क्या -क्या सोचती रहती है ? तभी तो कई बात…

Zeenat [part 25]

भूमि ,को ज़ीनत की बातें सुनकर ,उसे अपनी एक 'धार्मिक पुस्तक ''दुर्गा सप्तशती ''की किताब के एक पाठ की कुछ बाते…

Zeenat [part 24]

जब ख़ालिद के पिता ज़ीनत के लिए रिश्ता लेकर अपने भाई यूसुफ़ के घर पहुंचे ,तब यूसुफ़ ने , उन्हें अपनी समस्या बतलाते हुए ,उस रिश्ते से …

Khoobsurat [part 131]

इंस्पेक्टर कुणाल ,कल्पित को समझाते है और उससे कहते हैं -तुम्हें हमने जिस कार्य के लिए भेजा था ,अभी तक तुम उसमें सफल नहीं हुए हो।…

Khoobsurat [part 130]

कल्पित यह सब क्या चल रहा है ? नाराज होते हुए इंस्पेक्टर कुणाल ने उससे पूछा। तुम लोगों को मिलते हुए ,इतने दिन हो गए। तुम, अभी तक…

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