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Gaya waqt hath nahi aayega

ज्यादा सोचने और समझने में उम्र निकल जाती है।  जो खुश रहने की उम्र थी, वह न जाने कहां खो जाती है ? अब कभी उम्र के एक पड़ाव पर सोच…

Mysterious nights [part 192]

रूही ,नाराज होकर आश्रम में तो आ गयी किन्तु वहां उसे, अपने बच्चों की चिंता परेशान कर रही थी। वह स्वयं ही नहीं समझ पा रही है ,वो न…

Mysterious nights [part 191]

रुही की सच्चाई जानकर ,गर्वित को बहुत क्रोध आता है ,किंतु समझ नहीं पाता, कि ऐसी स्थिति  में उसे क्या करना चाहिए ? तब उससे पारो बा…

Mysterious nights [part 190]

हवेली में पहुंचते ही, सभी घरवालों से गर्वित का सामना हुआ और उन्होंने गर्वित से पूछा- रूही कहां है ? उस समय पार्वती भी हवेली में …

Coffee or tum

आज इस गुलाबी शाम को आराम करते हैं।        आओ ! ये शाम ,आज तुम्हारे नाम करते हैं।      कॉफी की प्यालियों से शाम की शुरुआत …

Aham

भले ही , 'फेरों' पर कुछ कदम पीछे चलती हूँ।        तो क्या ?तुमने देखा नही।   कुछ कदम आगे भी तो' ध…

Mysterious nights [part 189]

गर्वित के मन में ,बार -बार एक ही प्रश्न उठ रहा था ,आख़िर रूही हमें अपने गांव में लेकर क्यों आई ? सम्पूर्ण सच्चाई अपने घर में अपने…

Mysterious nights [part 188]

न जाने रूही, क्या सोचकर गर्वित को साथ लेकर, अपने घर आई थी और उसी के सामने, अपने सभी रहस्य खोल रही थी ? तब वो अपने माता -पिता से …

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