Beej ka svapn
रहा !' बीज 'का स्वप्न अद्भुत ! माटी के गर्भ में सोया, 'बीज' स्वप्न देख रहा था। बाहर आ,'अंधकार' से, …
रहा !' बीज 'का स्वप्न अद्भुत ! माटी के गर्भ में सोया, 'बीज' स्वप्न देख रहा था। बाहर आ,'अंधकार' से, …
जब मोहिनी और भानु ने उस व्यक्ति के मुख से उसका नाम सुना, तो बुरी तरह चौंक गए।'' एक ज़िंदा आदमी... जिसे दुनिया मरा हुआ स…
आज शिल्पा की ,मुस्कुराहट में भी, चतुर को उसका दर्द नज़र आया। उसकी ख़ामोशी में शोर नजर आया। तब वो शिल्पा से पूछ बैठता है -आखिर क्य…
अभी मोहिनी और भानु सुरंग के बाहर खड़े सोच ही रहे थे ,कि क्या किया जाये ? तभी सुरंग में से फिर से वही आवाज़ गूँजी— "भानू ..…
लगाती हूँ, बिंदिया ! पहनती हूँ ,चूड़ियां ! मुस्कुराती हूँ ,एक रिक्त स्थान तेरी यादों का। सजती -संवरती हूँ ,दिन -रात कटते हैं ,मग…
देखा जाये तो केतकी,सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ,बढ़ -चढ़कर हिस्सा लेती है। किताबी ज्ञान उसे भले ही कम हो , व्यवहारिक ज्ञ…
बाईस साल का मनीष घर का बड़ा बेटा होने के नाते अपने उत्तरदायित्व बख़ूबी समझता है ,वो सोचता है -'पढ़ -लिखकर मुझे अपने घर की ज़िम्…
कागज़- क़लम हाथ ले ,सोचा था ,आज... लिखकर कह दूंगी ,सब उनसे दिल की बातें ! मम्मी के आ जाने से, वो' ख़त अधूरा' रह गया। बया…