Rasiya [part 153]
शिल्पा के मन में 'आग लगी थी 'अब वो अपने किये पर पछता रही थी ,चतुर के व्यवहार से आहत हो, अब वो उस स्कूल में रहना भी नहीं …
शिल्पा के मन में 'आग लगी थी 'अब वो अपने किये पर पछता रही थी ,चतुर के व्यवहार से आहत हो, अब वो उस स्कूल में रहना भी नहीं …
उस लाल अंगूठी वाले व्यक्ति से बचने के लिए ,वे सभी सीढ़ियों से होते हुए एक कक्ष में पहुंचते हैं। उन्हें वहां कुछ पुरानी कैसेट मिलत…
नानी के कहने पर नंदिनी, दीपक को रात के भोजन के लिए बुलाती है।नंदिनी बड़े प्रेम से भोजन बनाकर मेज़ पर सजा दिया। जब दीपक आता है ,तो …
शिल्पा ,चतुर की शिकायत लेकर कस्तूरी के क़रीब गयी थी और वो चाहती थी ,बातों ही बातों में चतुर की हरकतों के विषय में भी उसे बताये। ज…
हाँ ,हत्या हुई थी, उसके अरमानों की,उसके जज्बातों की। वो डोली में बैठी थी, रो रही थी ,फ़िक्र किसे अरमानों की ? आज वो रोइ थी बहुत …
कब इस रिश्ते की शुरुआत हुई और कब समाप्त होने की कग़ार पर आ गया ? ये तो शिल्पा भी ठीक से नहीं समझ पा रही थी। रिश्ते की शुरुआत तो ब…
शाम को चलते समय, चतुर ने पूछा -मैडम ! आपने यहां किसी अध्यापिका को या किसी बच्चे को इधर-उधर भटकते हुए देखा था। नहीं तो, आप ऐसा…
मोहिनी ने अपनी पिछली चीजों को देखने की क्षमता के कारण वो जान जाती M.V. उसका रक्षक बना था ,जिसके हाथ में एक'' लाल अंगूठी…