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Hathon ki lakeeren

हाथों की लक़ीरों में छुपे राज़ कई , ' उसने 'बनाया पर समझा न कोई। कहने और समझने वाले कहते,लोग कई।   आडी- तिरछी रेखाओं में ज…

Rasiya [ part 124]

कभी-कभी इंसान अपनी परेशानियों में इतना मशरूफ हो जाता है, कि उसे अपने लिए समय ही नहीं मिलता। यदि एक महिला बाहर जाकर कमा रही है,…

Chhlakte aansun

सुख हो या दुःख ,बरबस ही झलक आते आंसू।  कितने मासूम हैं,  प्रेम में भी,  बरस जाते आंसू।  ग़ैर के दर्द  में भी ,पलकों से फ़िसल आते आ…

Rasiya [part 123]

अभी काम से निपट कर उर्वशी, आराम से बैठी ही थी ,तभी उसके' संदेशवाहक' पर ,संदेश आया - और क्या चल रहा है ? भोजन हो गया।  उस…

Shaitani sa......1

आप लोगों ने क्या समझा ?' मैं' क्या लिखना चाहती थी ?'' शैतानी सांस या फिर सास ! कोई भी कुछ भी समझे, किंतु दोनों ह…

Main stri hun

'आज से ये कॉलिज नहीं जाएगी' ,काजल के पिता ने क्रोधित होते हुए ,अपनी पत्नी अनुपमा से कहा।  पर पापा मेरी गलती क्या है ,मैं…

Vastvik sundrta

मन की सुंदरता देखी उसने, तन में उसने क्या पाया ? वही क्षणिक आकर्षण जो, वक़्त के साथ  ढलकाया।  जिसमें मिलावट, रंगों की,असल रूप समझ…

Aakhiri mulakat

बरसों पुरानी हवेली आज फिर रोशनी से जगमगा रही थी। आँगन में लोगों की भीड़ थी, हँसी-ठिठोली चल रही थी, मधुर संगीत वातावरण को मोहक बन…

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