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Mysterious nights [part 194]

गर्वित, पार्वती की बातें, सुन रहा था और सोच रहा था- मैं इतनी छोटी सी बात भी न समझ सका किन्तु गलतियाँ तो उसने भी की हैं ,फिर मै…

Khoobsurat [part 146]

कुणाल तुम्हें एक बार उस मकान में जाकर छानबीन करनी होगी। हम चाहें तो कह सकते हैं ,इन दोनों ने  मिलकर हत्याएं की हैं किन्तु हमें अ…

Mysterious nights [part 193]

आश्रम में बैठी ,रूही अपने आपको टटोल रही थी,   शुरू में जब मैं यहां आई थी, मन में एक खालीपन था। सब कुछ रिक्त था ,न विचार ,न ही क…

Gaya waqt hath nahi aayega

ज्यादा सोचने और समझने में उम्र निकल जाती है।  जो खुश रहने की उम्र थी, वह न जाने कहां खो जाती है ? अब कभी उम्र के एक पड़ाव पर सोच…

Mysterious nights [part 192]

रूही ,नाराज होकर आश्रम में तो आ गयी किन्तु वहां उसे, अपने बच्चों की चिंता परेशान कर रही थी। वह स्वयं ही नहीं समझ पा रही है ,वो न…

Mysterious nights [part 191]

रुही की सच्चाई जानकर ,गर्वित को बहुत क्रोध आता है ,किंतु समझ नहीं पाता, कि ऐसी स्थिति  में उसे क्या करना चाहिए ? तब उससे पारो बा…

Mysterious nights [part 190]

हवेली में पहुंचते ही, सभी घरवालों से गर्वित का सामना हुआ और उन्होंने गर्वित से पूछा- रूही कहां है ? उस समय पार्वती भी हवेली में …

Coffee or tum

आज इस गुलाबी शाम को आराम करते हैं।        आओ ! ये शाम ,आज तुम्हारे नाम करते हैं।      कॉफी की प्यालियों से शाम की शुरुआत …

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