Read more

Nyay ki khoj

'न्याय की खोज' के लिए हमें कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होती, हमारा अंतर्मन जानता है कि क्या सही है और क्या गलत है ? …

Maun ki pehli seedhi

शांत मन ,'मौन' रहकर अपने आपको टटोलता है। ज्ञान की धारा बही ,तब मौन अंतर्मन में झांकता है।   वेदना की पराकाष्ठा ,मौन रहना…

Rasiya [part 142]

हालाँकि कस्तूरी अपने पति चतुर के कामों में कोई दिलचस्पी नहीं लेती थी। चतुर भी, उसकी तरफ से निश्चिन्त था। चतुर जो भी कर रहा है ,क…

Kiski dulhan [part 14]

कोई भी... पीछे मुड़कर मत देखना।"रत्न प्रताप राजवीर ने, बहुत धीमी आवाज़ में दोनों को चेतावनी दी थी,  उसमें ऐसा भय था, कि मोह…

Kiski dulhan [part 13]

रत्न प्रताप ,भानु और मोहिनी अभी बातें ही कर रहे थे ,तभी उन्हें लगा जैसे इस तहखाने की तरफ कोई बढ़ रहा है। वो कोई एक व्यक्ति नहीं …

Vamangi

वो भले ही, मुझसे लड़ती ,झगड़ती है।  पर मेरी परवाह भी तो, वही करती है।  रिश्ता हमारा भले ही पुराना हुआ है ।  जब मुस्कुराकर मेरी तरफ…

Chhoti lahar

कबीर हताश, निराश, टहलते हुए , सागर किनारे आकर बैठ गया। मन ही मन सोच रहा था, इस जीवन का क्या करूं ? जो चाहता हूं, वह होता नहीं है…

Beej ka svapn

रहा !' बीज 'का स्वप्न अद्भुत ! माटी के गर्भ में सोया, 'बीज' स्वप्न देख रहा था।  बाहर आ,'अंधकार' से, …

Load More
That is All