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Mysterious nights [part 161]

रूही हवेली के पिछले द्वार पर खड़े किसी बुजुर्ग़ को देखती है और उनसे बात भी करना चाहती है ,किन्तु उस  बुजुर्ग़ व्यक्ति ने, न ही उसे …

Mysterious nights [part160]

अभी कुछ देर पहले ही तो, सब हंस बोल रहे थे, दोनों भाइयों में झगड़ा भी हुआ था। गौरव ! तो पूर्णतया स्वस्थ था, फिर अचानक इसे क्या हो…

Mysterious nights [part 159]

दमयंती जी जब गर्वित और गौरव का झगड़ा सुलझाने छत पर जाती हैं ,तब गौरव अपना संदेह रूही पर जतलाता है -कहीं ऐसा तो नहीं, रूही हममें फ…

Mysterious nights [part 158]

दमयंती। आज बहुत दिनों के पश्चात, छत पर आई है। उम्र भी तो ढलने लगी है, नीचे ही बहुत काम हो जाता है किंतु आज बच्चों के कारण, उसे …

Khoobsurat [part 117]

अपनी बेचैनी में मधुलिका ,मंकु को लेकर ताजमहल के समीप पहुंच जाती है और वहां पहुंचकर,  आस -पास देखती है ,कहीं कुमार यहाँ, हमसे पहल…

Khoobsurat [part 116]

यह सब क्या हो रहा है ? मधुलिका जितना कुमार पर विश्वास करने का प्रयास  करती है, उतना ही उसके विपरीत हो जाता है,जब भी सोचती है ,मै…

Khoobsurat [part 115]

मधुलिका ,बेटे का बहाना बनाकर ,कुमार के साथ घूमने के लिए आगरा आती है किन्तु मधुलिका का वहाँ आने का असली उद्देश्य क्या है ? ये तो …

Zeenat [ part 1]

''ज़ीनत '' हां उसका यही नाम था, किंतु मेरा परिचय उसके इस नाम से नहीं हुआ था, मेरा परिचय उसके उस नाम से हुआ था, जो…

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