Khoobsurat [part 140 ]
कल्याणी जी को झूठ बोलकर यहाँ लाने की योजना सफल रही ,एक से एक धमाके हो रहे थे। जो केस बरसों से पड़ा अधूरा पड़ा था। आज परत दर परत उस…
कल्याणी जी को झूठ बोलकर यहाँ लाने की योजना सफल रही ,एक से एक धमाके हो रहे थे। जो केस बरसों से पड़ा अधूरा पड़ा था। आज परत दर परत उस…
तब चांदनी पूछती है - हमने तो सुना है - रंजन ने, ये रिश्ता सहर्ष स्वीकार भी किया और निबाहने का प्रयास भी किया किन्तु आपकी बेट…
सब इंस्पेक्टर चांदनी के प्रश्नों से परेशान होकर, तब कल्याणी जी कहती है - सच्चाई यह नहीं है, सच्चाई मैं तुम्हें बताती हूं। अब ह…
रुकैया ,ज़ीनत से मिलने उसके कमरे में जाती है ,उनको देखकर ज़ीनत को कोई ख़ुशी नहीं हुई , ये भी उस ख़बर की तहक़ीकात करने ही आईं हैं। इ…
'ख़बर ' तो जैसे पंख लगाकर उड़ रही थी ,इस कान से उस कान ,इस मुँह से ,उस मुँह होते हुए ,इस गली से होते हुए, पूरे मोहल्ले की …
सोहेल की खाला , सलमा के घर से निकलकर, नादिरा के घर में घुस गईं। जब तक दिन में दो-चार बातें, इधर की उधर, उधर की इधर कर लें , उन्ह…
इंस्पेक्टर चांदनी, कल्याणी जी से पूछताछ कर रही थी , तभी अचानक वह उनसे पूछ बैठी -जिस दिन आपके दामाद की हत्या हुई ,उस समय आप कह…
पुलिस कल्याणी जी को उनकी बेटी से मिलवाने के बहाने,पूछताछ के लिए थाने में लेकर आती है, तब उनसे सब इंस्पेक्टर चांदनी पूछताछ करती ह…