Dhokha [part 38]
प्रतिदिन की तरह दीपक ,नंदिनी की प्रतीक्षा करता है, और नंदिनी भी समय से तैयार होकर चुपचाप उसकी मोटरसाइकिल पर आकर बैठ जाती है। दी…
प्रतिदिन की तरह दीपक ,नंदिनी की प्रतीक्षा करता है, और नंदिनी भी समय से तैयार होकर चुपचाप उसकी मोटरसाइकिल पर आकर बैठ जाती है। दी…
रात्रि के दो बजकर सात मिनट हो चुके थे , हवेली के ऊपरी हिस्से में पसरा सन्नाटा अब पहले जैसा नहीं था। कमरे की खिड़की के बाहर हवा …
मोहिनी और भानु आपस में बातें कर रहे थे कि ये किसी की योजना थी या हमें बहकाया गया था। तब मोहिनी ने भानु का हाथ पकड़ लिया और उसस…
रात के दस बज चुके थे, हवेली के अधिकांश कमरों की बत्तियाँ बुझ चुकी थीं, लेकिन मोहिनी के कमरे में अब भी रोशनी थी। मेज पर रखा फो…
उसने, कभी मेरी पसंद ,नापसंद पूछी ही नहीं। तुम क्या चाहती हो ?मुझसे कभी जाना ही नहीं। मेरे घुटते शब्दों को,मेरी सोच की तह खोल…
विभा, केतकी के बार -बार अपने कमरे में आ जाने से खुश नहीं है। वो जब से इस घर में आई है। उसने केतकी को बाहर घूमते और घर के काम करत…
भानु और मोहिनी सच्चाई की तह तक जाना चाहते हैं किन्तु रत्न प्रताप ने उन्हें फिर से रोकना चाहा ,और कहा ,ये तुम्हारे लिए अच्छा नहीं…
सुबह की पहली किरण, हवेली की ऊँची खिड़कियों से भीतर आ रही थी , लेकिन मोहिनी की आँखों में अब भी रात का अँधेरा ठहरा हुआ था। उसकी क…