Khamoshi
न तुमने कुछ कहा, न मैंने ही..... मौन ही मौन में, कुछ बातें हो गईं । कुछ वादे हुए ,कुछ क़समें हो गयीं। ख़ामोश तुम भी थीं, ख़ामो…
न तुमने कुछ कहा, न मैंने ही..... मौन ही मौन में, कुछ बातें हो गईं । कुछ वादे हुए ,कुछ क़समें हो गयीं। ख़ामोश तुम भी थीं, ख़ामो…
श्याम और केतकी बहुत दिनों से गांव में छुप-छुपकर मिल रहे थे ,किन्तु श्याम अब उससे इस तरह मिलना नहीं चाहता था। हमेशा ड़र लगा रहता ह…
तेरी आहटों को जीती हूं मैं, तेरी आहटों को सोचती हूं। तेरे लिए जीती हूं मैं, तेरे लिए मरती भी हूं। मेरी खामोशियों में तू है, सम…
ख़ुशी से लेके चला था,ये गाड़ी ! छोटी सी गाड़ी से...लोगों की, उम्मींदे थीं, ''तमाम सारी।'' समय संग, बोझ बढ़ता गय…
मोहिनी ने ,सभा की गहमागहमी में ,ऊपर किसी परछाई को देखा और वो चिल्लाई -वो हमें देख रहा है।उसकी बात सुनकर, सबकी नजरें उसी दिशा में…
असमय नंदिनी को घर में आया देखकर ,नानी परेशान हो उठीं । नानी ने, नंदिनी से पूछना भी चाहा ,कि आखिर क्या हुआ है ? वह इस तरह अचानक …
केतकी का बदला हुआ व्यवहार देखकर श्याम उससे पूछता है - आज क्या बात है ? जो तुम इस तरह की बातें कर रही हो ? कुछ नहीं ,मन में कुछ ब…
गोपाल भरी सभा में आकर बताता है -उसने तीसरे बच्चे को देखा है और उसे जाते हुए भी देखा है। तभी मोहिनी पूछती है -किसके साथ ? गोपाल न…