Zeenat [part 69]
ज़ीनत की बातें सुनकर, इंस्पेक्टर कविता बोली - हम इस बात की जांच करेंगे। कहते हुए ,सहानुभूति से बोली -अभी तुम थोड़ा आराम करो ! हम …
ज़ीनत की बातें सुनकर, इंस्पेक्टर कविता बोली - हम इस बात की जांच करेंगे। कहते हुए ,सहानुभूति से बोली -अभी तुम थोड़ा आराम करो ! हम …
दूर ही सही ,अपने तो हैं। सुकूं हैं ,कुछ रिश्ते तो हैं। कुछ शिक़वे शिक़ायतें होंगी। रूठे हैं , पर अपने तो हैं। सभी के मनों मे…
कहां से लाऊं ? उस सखी को, जो बरसों पहले चली गई। बचपन की यादों में छुपी ,खेलती -मचलती क्यों चली गयी? हँस लूँ ,गा लूँ ,या फिर याद …
ज़ीनत आगे बताती है - जब मैं डॉक्टर के पास गयी थी ,उसने अपनी उस नर्स को बुलाया और उससे कुछ कहा। वो, मेरे पास आई और बोली -मेरे स…
एक दिन के बाद ,उसका फिर से मैसेज आया, जानने न जानने से क्या फर्क पड़ता है ? मैंने तुम्हारी तस्वीर देखी है ,आज भी तुम, बहुत सुंद…
मुझे एक जगह जाना है, आपको, मुझे वहां लेकर जाना होगा,सुगंधा ने अपने पति समीर से कहा तुम कहां जाना चाहती हो ? बिना जानकारी के ऐ…
'' कोख़'' स्त्रियों के लिए, वरदान है। नवजीवन की उत्पत्ति इसके माध्यम से ही होती है, तभी यह संसार आगे बढ़ता है। कि…
ज़ीनत ,इंस्पेक्टर कविता से बताती है - वो ,अपने प्रेमी आसिफ़ से बहुत मुहब्बत करती थी ,इसीलिए उसकी उचित -अनुचित बातों को भी मान लेती…