Rasiya [part 127]
जब उर्वशी को उस अनजान शख़्स यानि 'चतुरभार्गव 'के विषय में मालूम पड़ा ,तब उसे आश्चर्य तो हुआ किन्तु उसकी सम्पूर्ण कहानी, उ…
जब उर्वशी को उस अनजान शख़्स यानि 'चतुरभार्गव 'के विषय में मालूम पड़ा ,तब उसे आश्चर्य तो हुआ किन्तु उसकी सम्पूर्ण कहानी, उ…
जब 'चतुर भार्गव' ने, अपने' व्हाट्सएप' पर अपनी तस्वीर लगाई, उर्वशी उस तस्वीर को देखकर चौंक गयी। उसके मन में कभी -…
बाहर और अंदर एकदम सब कुछ शांत था। नेहा ने इधर -उधर देखा ,किन्तु उसे कुछ दिखलाई नहीं दे रहा था। कमरे में 'स्याह अंधेरा'…
अब तक उर्वशी को, उस अनजान शख़्श से बातें करते हुए काफी समय हो गया था। उसका व्हाट्सएप नंबर भी मिल गया था ,शायद उसे भी लगने लगा था।…
हाथों की लक़ीरों में छुपे राज़ कई , ' उसने 'बनाया पर समझा न कोई। कहने और समझने वाले कहते,लोग कई। आडी- तिरछी रेखाओं में ज…
कभी-कभी इंसान अपनी परेशानियों में इतना मशरूफ हो जाता है, कि उसे अपने लिए समय ही नहीं मिलता। यदि एक महिला बाहर जाकर कमा रही है,…
सुख हो या दुःख ,बरबस ही झलक आते आंसू। कितने मासूम हैं, प्रेम में भी, बरस जाते आंसू। ग़ैर के दर्द में भी ,पलकों से फ़िसल आते आ…
अभी काम से निपट कर उर्वशी, आराम से बैठी ही थी ,तभी उसके' संदेशवाहक' पर ,संदेश आया - और क्या चल रहा है ? भोजन हो गया। उस…