Apurntaon ka sansar
खिले- खिले चेहरों की जिज्ञासाएं हैं ,कब हुईं पूर्ण ! पथ की नित नई बाधाओं से, मंजिलें रहतीं अपूर्ण ! स्वप्न हैं , कुछ मुक़म्मल हु…
खिले- खिले चेहरों की जिज्ञासाएं हैं ,कब हुईं पूर्ण ! पथ की नित नई बाधाओं से, मंजिलें रहतीं अपूर्ण ! स्वप्न हैं , कुछ मुक़म्मल हु…
सुमित अग्रवाल ,चतुर का सच जानकर अंदर ही अंदर लावा बन गए थे । क्रोध के कारण ,उनका 'लहु' लावे की तरह खौल रहा था। वे अपन…
किसे ख़बर जीवन पथ पर इतने संघर्ष मिल जायेगें। किसे ख़बर....दुःख में, अपने भी न साथ निभाएंगे। किसे ख़बर थी ?इन राहों में, हम तुम…
अभी वे लोग बातें कर ही रहे थे,कि चतुर ने, उनके साथ कैसी चालबाज़ी खेली है ? तभी दरवाजे की घंटी बजी ,शायद वो आ गया ,उस महिला ने …
रात के अंधेरे में चमचमाती रोेशनी कितनी अच्छी लगती है ?' मुंबई 'शहर महानगरी है, रोे शनी से झील मिला रही है इसकी चकाचौंध …
मनुष्य के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जहाँ उसे सही और गलत के बीच चुनाव करना पड़ता है। कभी-कभी परिस्थितियाँ इतनी कठिन हो जात…
एक दिन वो महिला ,फिर से जब उस घर को देखने गयी थी। वहां पहले से ही एक महिला और बच्चे मौजूद थे। बच्चे खेलने में व्यस्त थे। ये लो…
उर्वशी, अपने पति समीर को 'चतुर भार्गव' की कहानी सुना रही थी, कहानी सुनाते- सुनाते , तब उसने बताया -कि'' चतुर भा…