Khoobsurat [part 134]
विचारों में खोई रोहिणी के विचारों को, अचानक ही जैसे 'ब्रेक' लग गया ,जैसे ही कल्पित की गाड़ी को ब्रेक लगा,वो भी अपने विचा…
विचारों में खोई रोहिणी के विचारों को, अचानक ही जैसे 'ब्रेक' लग गया ,जैसे ही कल्पित की गाड़ी को ब्रेक लगा,वो भी अपने विचा…
वेद प्रकाश जी ,अब सेवा निवृत्त हो चुके हैं ,भरा पूरा परिवार है, किन्तु सेवानिवृत्ति के पश्चात ,उन्होंने कुछ निर्णय लिए ,अगले दिन…
बेटा होने के पश्चात ,रूही ,को हवेली के ठाकुर अमर प्रताप सिंह जी,का स्मरण होता है किन्तु उसे आजकल वे कहीं नहीं दिख रहे। घरवालो…
गर्वित धीरे-धीरे, अपने भाइयों के दर्द को भूलकर, रूही के समीप जा रहा था। रूही यह जानते हुए भी कि यह मेरा दोषी है, उसने गर्वित …
शिखा ,अपने कक्ष में बैठकर, सोच रही थी - गुरूजी ! ने मुझे यहां से जाने के लिए क्यों कह दिया ?आख़िर मैं यहां क्यों नहीं रह सकती ? अ…
आठ वर्षों के पश्चात, महात्मा अपने आश्रम में लोगों को ज्ञानोपदेश दे रहे थे, तब वो बोले - बेटी शिखा ! क्या हवन का पूरा प्रबंध कर द…
ज़ीनत को ,एक रात के लिए किसी अनजान शख़्स ने अगवा कर लिया, उसके साथ रात बिताई। एक रात के बाद ,वह अपने को, अपने घर पर ही पाती है ,उस…
कल्पित ने आज अचानक रोहिणी से पूछा -क्या तुम मेरे साथ बाज़ार चलकर, मेरे साथ ,मेरे बॉस के '' विवाह की वर्षगांठ ''…