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Apurntaon ka sansar

खिले- खिले चेहरों की जिज्ञासाएं हैं ,कब हुईं पूर्ण ! पथ की नित नई बाधाओं से,  मंजिलें रहतीं अपूर्ण ! स्वप्न हैं , कुछ मुक़म्मल हु…

Rasiya [part 131]

सुमित अग्रवाल ,चतुर का सच जानकर अंदर ही अंदर लावा बन गए थे । क्रोध के कारण ,उनका 'लहु' लावे की तरह खौल रहा था।  वे अपन…

Kise khabar....

किसे ख़बर जीवन पथ पर इतने संघर्ष मिल जायेगें।   किसे ख़बर....दुःख में, अपने भी न साथ  निभाएंगे। किसे ख़बर थी ?इन राहों में, हम तुम…

Rasiya [part 130]

अभी वे लोग बातें  कर ही रहे थे,कि चतुर ने, उनके साथ कैसी चालबाज़ी खेली है ? तभी दरवाजे की घंटी बजी ,शायद वो आ गया ,उस महिला ने …

Shahar ki roshniyan

रात के अंधेरे में चमचमाती रोेशनी कितनी अच्छी लगती है ?' मुंबई 'शहर महानगरी है, रोे शनी से झील मिला रही है इसकी चकाचौंध  …

Guru ka margdarshan

मनुष्य  के जीवन में अनेक ऐसे मोड़ आते हैं, जहाँ उसे सही और गलत के बीच चुनाव करना पड़ता है। कभी-कभी परिस्थितियाँ इतनी कठिन हो जात…

Rasiya [part 129]

एक दिन वो महिला ,फिर से जब उस घर को देखने गयी थी। वहां पहले से ही एक महिला और बच्चे मौजूद थे। बच्चे खेलने में व्यस्त थे। ये लो…

Rasiya [part 128]

उर्वशी, अपने पति समीर को  'चतुर भार्गव' की कहानी सुना रही थी, कहानी सुनाते- सुनाते , तब उसने बताया -कि'' चतुर भा…

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