Rasiya [part 139]
आज सुबह ही प्रवीण और शिल्पा में हल्की झड़प हो गयी थी। प्रवीण नहीं चाहता था कि शिल्पा घर से बाहर जाकर कमाए !घर में ही इतने काम हैं…
आज सुबह ही प्रवीण और शिल्पा में हल्की झड़प हो गयी थी। प्रवीण नहीं चाहता था कि शिल्पा घर से बाहर जाकर कमाए !घर में ही इतने काम हैं…
बादलों की गड़गड़ाहट और बदलते मौसम को देख, सबको विश्वास हो गया, आज बरसात होगी। सभी के चेहरों पर खुशियां नजर आ रही थीं। हुआ भी यह…
चाबी के किनारे पर बहुत छोटे अक्षरों में कुछ खुदा हुआ था ,मोहिनी ने उसे खिड़की की रोशनी में ध्यान से देखा। उस पर लिखा था—"र…
जब मोहिनी ने, भानू से पूछा -क्या आप इस विवाह के लिए तैयार हैं ? तब भानू ने बिना देर किये कहा -'नहीं ' मुझे किसी की मजबूर…
वो मेरा बालपन, मेरा बचपन ! मेरा लड़कपन , मेरा वो भोलापन, मेरी मासूमियत ! मुझे वापस लौटा दो ! अजनबियों भीड़ में ,न जाने कहाँ खो ग…
कमरे की दीवार पर लगी, बड़ी घड़ी की टिक-टिक मोहिनी के भीतर चल रहे तूफ़ान से, कहीं धीमी थी।उसने अपने को शांत करने का प्रयास भी किय…
आधा दिन तो ठीक से बीत गया , शिल्पा ने घड़ी में समय देखा,अभी डेढ़ बज रहा था ,उसने अपने क़दम तेजी से घर की ओर बढ़ा दिए। जब तक स्कूल म…
महल के एक कक्ष में ,सभी बड़े और कुछ अतिथिजन के मध्य वार्तालाप चल रहा है और तब ये बात सामने आती है।' रूद्र प्रताप सिंह' तो…