Kiski dulhan [part 10]
मोहिनी उस गुप्त कक्ष से बाहर गलियारे में आती है और जैसे ही डायरी का अंतिम पृष्ठ खोलकर देखना चाहती है ,पूरा गलियारा अँधेरे में डू…
मोहिनी उस गुप्त कक्ष से बाहर गलियारे में आती है और जैसे ही डायरी का अंतिम पृष्ठ खोलकर देखना चाहती है ,पूरा गलियारा अँधेरे में डू…
मोहिनी ने जैसे ही सुरंग के रास्ते जाकर वो लोहे का दरवाजा खोला , दरवाज़ा धीरे-धीरे चरमराता हुआ, खुल गया ,अंदर पूरा कमरा अँधेरे मे…
रात के दस बज चुके थे, अभी से ही पूरी हवेली में सन्नाटा फैलने लगा। सभी नौकर भी अपने-अपने कमरों में जा चुके थे ,सिर्फ़ मुख्य प्रव…
शाम को शिल्पा ने, समय से ही भोजन बना दिया ,आज सुबह समय पर भोजन न बना सकी, इस बात का उसे अफ़सोस था इसीलिए स्कूल से आते ही, आराम कर…
सागर से मिलन की आस लिए ,नदी आगे चली। प्रीत मेरी अद्भुत, हिम शिराओं से निकल चली। कभी इठलाती, बलखाती, टकराती बढ़ती रही। बाधा को…
आज सुबह ही प्रवीण और शिल्पा में हल्की झड़प हो गयी थी। प्रवीण नहीं चाहता था कि शिल्पा घर से बाहर जाकर कमाए !घर में ही इतने काम हैं…
बादलों की गड़गड़ाहट और बदलते मौसम को देख, सबको विश्वास हो गया, आज बरसात होगी। सभी के चेहरों पर खुशियां नजर आ रही थीं। हुआ भी यह…
चाबी के किनारे पर बहुत छोटे अक्षरों में कुछ खुदा हुआ था ,मोहिनी ने उसे खिड़की की रोशनी में ध्यान से देखा। उस पर लिखा था—"र…