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Aaj ka satsang [part 4]

“समर्पण भाव '' प्रियजनों, आज हम जिस विषय प…

Khoobsurat [part 114]

कुमार बाहर जाने के लिए तैयार हो रहा था ,तभी उससे मधुलिका ने पूछा -कहाँ जा रहे हैं ?और जब कुमार ने बताया कि वो काम के सिलसिले में…

Khoobsurat [part 113]

कुमार के वहां से आ जाने के पश्चात 6 महीने तक, यामिनी ने उससे कोई संपर्क नहीं किया। कुमार भी, थोड़ा सुकून महसूस कर रहा था क्योंकि…

Aaj ka satsang [part 3]

“वास्तविक सौंदर्य” प्रियजनों, आज हम जिस विषय पर विचार करने जा …

Aaj ka satsang [part 2]

विचलित मन -  प्रियजनों ! आज के सत्संग में हम' विचलित मन&#…

Hawa ka rukh

मम्मी !मुझे ये लोग बहुत तंग कर रहे हैं , मुझे अपने पास बुला लो ! मैं अब और यहां रहना नहीं चाहती, गिड़गिड़ाते हुए 'नेहल' …

Bhalai ka zamana hi nahi

कादंबरी !अपने बेटे का विवाह कब कर रही हो ? लड़की देखते-देखते, इतने वर्ष हो गए, क्या तुझे आज तक कोई अच्छी लड़की ही नहीं मिली।  क्…

Mysterious nights [part 157]

रूही कपड़े सुखाने के लिए छत पर जाती है ,जहाँ गौरव पहले से ही बैठा हुआ था ,रूही ,गौरव से देवर होने के नाते हंसी -मज़ाक करती है।   अ…

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