Kiski dulhan [part 11]
अभी मोहिनी और भानु सुरंग के बाहर खड़े सोच ही रहे थे ,कि क्या किया जाये ? तभी सुरंग में से फिर से वही आवाज़ गूँजी— "भानू ..…
अभी मोहिनी और भानु सुरंग के बाहर खड़े सोच ही रहे थे ,कि क्या किया जाये ? तभी सुरंग में से फिर से वही आवाज़ गूँजी— "भानू ..…
लगाती हूँ, बिंदिया ! पहनती हूँ ,चूड़ियां ! मुस्कुराती हूँ ,एक रिक्त स्थान तेरी यादों का। सजती -संवरती हूँ ,दिन -रात कटते हैं ,मग…
देखा जाये तो केतकी,सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ,बढ़ -चढ़कर हिस्सा लेती है। किताबी ज्ञान उसे भले ही कम हो , व्यवहारिक ज्ञ…
बाईस साल का मनीष घर का बड़ा बेटा होने के नाते अपने उत्तरदायित्व बख़ूबी समझता है ,वो सोचता है -'पढ़ -लिखकर मुझे अपने घर की ज़िम्…
कागज़- क़लम हाथ ले ,सोचा था ,आज... लिखकर कह दूंगी ,सब उनसे दिल की बातें ! मम्मी के आ जाने से, वो' ख़त अधूरा' रह गया। बया…
सच्चाई की डगर पर यह नाव चल पड़ी है। बुराई को पीछे धकेल आगे निकल पड़ी है। शोर मन का अब थम न सकेगा,आएगा बाहर, दिल की कुछ बातें,…
अपने होने का अर्थ समझाया, मुझे मेरी सांसों ने , मेरे अपने होने का अर्थ बतलाती है ,मेरी धडकनें। सोचती -समझती हूं , सुनती हूँ ,रू…
'प्यार' मीठे और प्यारे एहसासों का एक ऐसा दरिया है, जिसमें डूबने को दिल करता है और जब इंसान एक बार उसमें डूब जाता है तो …