Zeenat [part 19]
ईद पर 'ज़ीनत 'की फूफी 'रुकैया बेग़म' मिलने के लिए उनकी हवेली में तशरीफ़ लाती हैं , किन्तु' ज़ीनत ' को देखकर …
ईद पर 'ज़ीनत 'की फूफी 'रुकैया बेग़म' मिलने के लिए उनकी हवेली में तशरीफ़ लाती हैं , किन्तु' ज़ीनत ' को देखकर …
पार्वती का हवेली में आने का उद्देश्य उनके दुःख में सम्मिलित होना ही नहीं वरन वो रूही को समझाना भी चाहती थी। अब ये मौत का ताँडव …
यह हवेली, अब कितनी सुनसान लग रही है ?' मौत का मातम' जो छाया हुआ है। कुछ देर पहले, यहां विलाप हो रहा था। अपनों के बिछड…
रूही ने जिन बुजुर्ग़ को हवेली के आस -पास कई बार देखा था ,उन्हें आज भी ,उस हवेली की तरफ उदास नजरों से देखते हुए देख लिया। जब पुनीत…
जो नारी एक राजनीतिज्ञ बनकर, राजनीति में भी हिस्सा लेती है ,उसमें अपना अहम योगदान देती है,एक शिक्षिका बनकर ,देश की भावी पीढ़ी को…
मिसेज गुप्ता आगे बोलीं -तुम्हें यकीन नहीं होगा, वह तो इसका[संजय खन्ना ] इतना साहस नहीं होता, वरना यह पड़ोसियों को भी ना छोड़े !…
जरूरी नहीं, महफ़िल के चार लोगों में ही, मेरी पहचान हो। अपने आप को परखने के लिए, क्या' हम ही 'काफी नहीं ? बहलाने के लिए…
एक दिन मेरे सपने में तुम्हारी दादी आई ,वो लहूलुहान थी ,रो रही थी। मैंने अपने बच्चों से बताया और कहा -मुझे लगता है ,तुम्हारी मां …