Khoobsurat [part 142]
मेरी बेटी ,शिल्पा को उसका पहला प्यार कुमार मिला ,उसके लिए यही बहुत था वो उसके क़रीब आ रहा था। प्यार की इससे बड़ी और क्या, परिभाष…
मेरी बेटी ,शिल्पा को उसका पहला प्यार कुमार मिला ,उसके लिए यही बहुत था वो उसके क़रीब आ रहा था। प्यार की इससे बड़ी और क्या, परिभाष…
कल्याणी जी, के मुख से उनकी कहानी सुनकर सभी को आश्चर्य होता है ,इस महिला ने 'पुलिस की नाक के नीचे रहकर '' कितना बड़ा ख…
रुकैया ने ,अब अपने भाई की बेटी 'ज़ीनत' से अपने बेटे अहमद से रिश्ते को साफ -साफ मना तो नहीं किया किन्तु' हाँ 'भी न…
रूही, किशोरी लाल और उनकी पत्नी सरला को उनकी गलतियों का एहसास करवाती है कि उन्होंने ठाकुर ख़ानदान पर किस तरह आँख मूंदकर विश्वास क…
बिटिया ! तुम हमारी बेटी के बारे में इतना सब कैसे जानती हो ? सरला जी ने प्रश्न किया जबकि ये तो हवेली वाले ही हैं ,इनके भाई से ह…
विवाह होने के पश्चात, पहली बार रूही अपने असली माता-पिता के पास 'खेड़ा' गांव में पहुंची । वहां पहुंचकर जब सरला जी उसे पह…
कल्याणी जी को झूठ बोलकर यहाँ लाने की योजना सफल रही ,एक से एक धमाके हो रहे थे। जो केस बरसों से पड़ा अधूरा पड़ा था। आज परत दर परत उस…
तब चांदनी पूछती है - हमने तो सुना है - रंजन ने, ये रिश्ता सहर्ष स्वीकार भी किया और निबाहने का प्रयास भी किया किन्तु आपकी बेट…