Abhiman nahi
जरूरी नहीं, महफ़िल के चार लोगों में ही, मेरी पहचान हो। अपने आप को परखने के लिए, क्या' हम ही 'काफी नहीं ? बहलाने के लिए…
जरूरी नहीं, महफ़िल के चार लोगों में ही, मेरी पहचान हो। अपने आप को परखने के लिए, क्या' हम ही 'काफी नहीं ? बहलाने के लिए…
एक दिन मेरे सपने में तुम्हारी दादी आई ,वो लहूलुहान थी ,रो रही थी। मैंने अपने बच्चों से बताया और कहा -मुझे लगता है ,तुम्हारी मां …
अपने पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर, गर्वित हवेली पहुंच जाता है और रोता है, अपने आप को कोसता है और कहता है -''मैं कितना …
पारुल की बातें सुनकर ,मिसेज गुप्ता को भी आश्चर्य हुआ ,मन ही मन सोच रही थी -अंकल -आंटी लगते तो नहीं ,लालची होंगे। तब वो आगे बोली…
आज अचानक ही ',ज़ीनत ' की बातों के माध्यम से, भूमि को पता चला कि उनके मौहल्ले के सफेदपोश ,मिस्टर खन्ना' किस तरह के इंस…
मिसेज गुप्ता ,भूमि को अपने विषय में बता रहीं थीं, कि किस तरह से, उन्होंने खन्ना के बेटे' संजय खन्ना ' से अपना पीछा छुड़ाय…
तेजस की पत्नी बेवा थी, उसके साथ अनजाने ही मुझसे अपराध हो गया, उसके लिए मैं क्षमा चाहती हूं,दमयंती गिड़गिड़ाते हुए बोली - किंतु …
मिसेज गुप्ता ,भूमि को बताती हैं कि अक़्सर खन्ना उसके घर आकर, उससे मिलने का प्रयास करता ,और नजदीकियाँ बढ़ाने का भी प्रयास करता। त…