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Mysterious nights [part 163]

दमयंती को अभी भी किसी पर विश्वास नहीं था इसीलिए अपने कमरे में बैठी हुई ,कैमरे में से देख रही थी,उन्होंने देखा, अभी कुछ देर पहले …

Mysterious nights [part 162]

दमयंती बाहर से अपने को मजबूत दिखा रही थी किन्तु  अब अंदर ही अंदर उसे अपने बेटे का गम खाये  जा रहा था।गर्वित भी अब जा चुका था ,दम…

Zeenat [part 2]

वो पगली सी दिखने वाली लड़की ,कई दिनों से भूखी थी। तब भूमि उसे भोजन देती है ,जब उसके पेट की भूख शांत हुई, तब वो मुस्कुराई और बोली …

Mysterious nights [part 161]

रूही हवेली के पिछले द्वार पर खड़े किसी बुजुर्ग़ को देखती है और उनसे बात भी करना चाहती है ,किन्तु उस  बुजुर्ग़ व्यक्ति ने, न ही उसे …

Mysterious nights [part160]

अभी कुछ देर पहले ही तो, सब हंस बोल रहे थे, दोनों भाइयों में झगड़ा भी हुआ था। गौरव ! तो पूर्णतया स्वस्थ था, फिर अचानक इसे क्या हो…

Mysterious nights [part 159]

दमयंती जी जब गर्वित और गौरव का झगड़ा सुलझाने छत पर जाती हैं ,तब गौरव अपना संदेह रूही पर जतलाता है -कहीं ऐसा तो नहीं, रूही हममें फ…

Mysterious nights [part 158]

दमयंती। आज बहुत दिनों के पश्चात, छत पर आई है। उम्र भी तो ढलने लगी है, नीचे ही बहुत काम हो जाता है किंतु आज बच्चों के कारण, उसे …

Khoobsurat [part 117]

अपनी बेचैनी में मधुलिका ,मंकु को लेकर ताजमहल के समीप पहुंच जाती है और वहां पहुंचकर,  आस -पास देखती है ,कहीं कुमार यहाँ, हमसे पहल…

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