Mysterious nights [part 178 ]
हवेली के अंदर, गुरुजी प्रवेश करते हैं, और वहां देखते हैं, उस हवेली में अविश्वास छाया हुआ है , यहां बहुत बड़ा अनाचार हुआ है। हवेल…
हवेली के अंदर, गुरुजी प्रवेश करते हैं, और वहां देखते हैं, उस हवेली में अविश्वास छाया हुआ है , यहां बहुत बड़ा अनाचार हुआ है। हवेल…
लोग कहते हैं - कि यह मेरा 'पुनर्जन्म ''हुआ है ,ताकि मैं इन लोगों से, इनके अपराध का बदला ले सकूं ,मैं अपने प्रेम और…
ज़ीनत ,मेले की भीड़ में सहेलियों से बिछुड़ गयी थी ,इसी बीच उसे ,उसके चचाजान का बेटा ख़ालिद मिल गया किन्तु नज़मा ने उसके सामने ,ख़ालिद …
ज़ीनत की अम्मी 'सलमा' , उसे समझाते हुए कहतीं हैं -तुम्हारी फूफी रुकैया का बेटा' अहमद' जब डॉक्टर बन जायेगा ,उसके स…
'' जीवन का उद्देश्य '' आध्यात्मिक दृष्टि से एक गहन विवेचन -मा…
रूही, खिड़की के पास खड़ी होकर बाहर की तरफ देख रही थी। न ही उसके मन में कोई विचार आ रहा था और न ही जा रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे…
ईद पर 'ज़ीनत 'की फूफी 'रुकैया बेग़म' मिलने के लिए उनकी हवेली में तशरीफ़ लाती हैं , किन्तु' ज़ीनत ' को देखकर …
पार्वती का हवेली में आने का उद्देश्य उनके दुःख में सम्मिलित होना ही नहीं वरन वो रूही को समझाना भी चाहती थी। अब ये मौत का ताँडव …