Shaitani sa......9
बाईस साल का मनीष घर का बड़ा बेटा होने के नाते अपने उत्तरदायित्व बख़ूबी समझता है ,वो सोचता है -'पढ़ -लिखकर मुझे अपने घर की ज़िम्…
बाईस साल का मनीष घर का बड़ा बेटा होने के नाते अपने उत्तरदायित्व बख़ूबी समझता है ,वो सोचता है -'पढ़ -लिखकर मुझे अपने घर की ज़िम्…
कागज़- क़लम हाथ ले ,सोचा था ,आज... लिखकर कह दूंगी ,सब उनसे दिल की बातें ! मम्मी के आ जाने से, वो' ख़त अधूरा' रह गया। बया…
सच्चाई की डगर पर यह नाव चल पड़ी है। बुराई को पीछे धकेल आगे निकल पड़ी है। शोर मन का अब थम न सकेगा,आएगा बाहर, दिल की कुछ बातें,…
अपने होने का अर्थ समझाया, मुझे मेरी सांसों ने , मेरे अपने होने का अर्थ बतलाती है ,मेरी धडकनें। सोचती -समझती हूं , सुनती हूँ ,रू…
'प्यार' मीठे और प्यारे एहसासों का एक ऐसा दरिया है, जिसमें डूबने को दिल करता है और जब इंसान एक बार उसमें डूब जाता है तो …
मोहिनी उस गुप्त कक्ष से बाहर गलियारे में आती है और जैसे ही डायरी का अंतिम पृष्ठ खोलकर देखना चाहती है ,पूरा गलियारा अँधेरे में डू…
मोहिनी ने जैसे ही सुरंग के रास्ते जाकर वो लोहे का दरवाजा खोला , दरवाज़ा धीरे-धीरे चरमराता हुआ, खुल गया ,अंदर पूरा कमरा अँधेरे मे…
रात के दस बज चुके थे, अभी से ही पूरी हवेली में सन्नाटा फैलने लगा। सभी नौकर भी अपने-अपने कमरों में जा चुके थे ,सिर्फ़ मुख्य प्रव…