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Mysterious nights [part 183]

गर्वित धीरे-धीरे, अपने भाइयों के दर्द को भूलकर, रूही के समीप जा रहा था। रूही यह जानते हुए भी कि  यह मेरा दोषी है, उसने गर्वित …

Mysterious nights [part 182]

शिखा ,अपने कक्ष में बैठकर, सोच रही थी - गुरूजी ! ने मुझे यहां से जाने के लिए क्यों कह दिया ?आख़िर मैं यहां क्यों नहीं रह सकती ? अ…

Mysterious nights [part 181]

आठ वर्षों के पश्चात, महात्मा अपने आश्रम में लोगों को ज्ञानोपदेश दे रहे थे, तब वो बोले - बेटी शिखा ! क्या हवन का पूरा प्रबंध कर द…

Zeenat [part27]

ज़ीनत को ,एक रात के लिए किसी अनजान शख़्स ने अगवा कर लिया, उसके साथ रात बिताई। एक रात के बाद ,वह अपने को, अपने घर पर ही पाती है ,उस…

Khoobsurat [part 133]

कल्पित ने आज अचानक रोहिणी से पूछा -क्या तुम मेरे साथ बाज़ार चलकर, मेरे साथ ,मेरे बॉस के  '' विवाह की  वर्षगांठ ''…

Khoobsurat [part 132]

रोहिणी बगीचे में ,अपने बेटे को टहला रही थी ,आज उससे मिलने कहें ,या फिर उस बगीचे में टहलने के लिए ,अभी कल्पित नहीं आया है। अभी रो…

Mysterious nights [part 180]

हवेली की शुद्धि के लिए महात्मा हवेली में आते हैं और रूही से पूछते हैं ,उसने अपराधियों को दंड देकर उचित किया किन्तु क्या वो संतुष…

Zeenat [part 26]

आज, जब ज़ीनत घर में आई तो थोड़ा परेशान थी ,उसे अपने शौहर के साथ न रहने पर दुःख था। न जाने क्या -क्या सोचती रहती है ? तभी तो कई बात…

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