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Shayri ke pal

१ - तन्हा बैठकर यूं ,अपने आप से गुफ्तगू की जाए।  खुद से ही सवाल किया और खुद से ही जवाब दिया जाए।  २- तमन्नाओं  के शहर में ,हम खो…

Dhokha [part 39]

नंदिनी मन ही मन बहुत परेशान थी, दीपक दो दिनों से गया हुआ था या यूँ कहें ,'ग़ायब हो गया था।'  बिना कोई जानकारी दिए वो न जा…

Dhokha [part 38]

प्रतिदिन की तरह दीपक ,नंदिनी की प्रतीक्षा करता है, और नंदिनी भी समय से तैयार होकर चुपचाप उसकी मोटरसाइकिल पर आकर बैठ जाती है। दी…

Kiski dulhan [part 61]

रात्रि  के दो बजकर सात मिनट हो चुके थे , हवेली के ऊपरी हिस्से में पसरा सन्नाटा अब पहले जैसा नहीं था। कमरे की खिड़की के बाहर हवा …

Kiski dulhan [part 60]

मोहिनी और भानु आपस में बातें कर रहे थे कि ये किसी की योजना थी या हमें बहकाया गया था। तब   मोहिनी ने भानु का हाथ पकड़ लिया और उसस…

Kiski dulhan [part 59]

रात के दस बज चुके थे,  हवेली के अधिकांश कमरों की बत्तियाँ बुझ चुकी थीं, लेकिन मोहिनी  के कमरे में अब भी रोशनी थी।  मेज पर रखा फो…

Parvah nahi

उसने, कभी मेरी पसंद ,नापसंद पूछी ही नहीं।   तुम क्या चाहती हो ?मुझसे कभी जाना ही नहीं।  मेरे घुटते शब्दों को,मेरी सोच की तह खोल…

Shaitani sa......23

विभा, केतकी के बार -बार अपने कमरे में आ जाने से खुश नहीं है। वो जब से इस घर में आई है। उसने केतकी को बाहर घूमते और घर के काम करत…

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