Mysterious nights [part 189]
गर्वित के मन में ,बार -बार एक ही प्रश्न उठ रहा था ,आख़िर रूही हमें अपने गांव में लेकर क्यों आई ? सम्पूर्ण सच्चाई अपने घर में अपने…
गर्वित के मन में ,बार -बार एक ही प्रश्न उठ रहा था ,आख़िर रूही हमें अपने गांव में लेकर क्यों आई ? सम्पूर्ण सच्चाई अपने घर में अपने…
न जाने रूही, क्या सोचकर गर्वित को साथ लेकर, अपने घर आई थी और उसी के सामने, अपने सभी रहस्य खोल रही थी ? तब वो अपने माता -पिता से …
पल में रुलाती, पल में खुश कर जाती, तितली सी... रंगीन नज़र आती है। कभी लगता , हाथ में आ गई है। तो कभी लगता, हाथों से छूट गई…
माना कि, मुझे तुझसे कुछ शिक़वे थे ,कुछ शिकायतें थीं। तेरा इस कदर मुंह मोड़ कर चले जाना मुझे मंजूर न था। माना कि, जब हम मिले थे,…
कल्याणी जी ,अपनी बेटी से मिलने के लिए उतावली हो रहीं थीं ,उससे पहले जब शिल्पा को पता चलता है ,कि कल्पित पुलिस का ही आदमी है और य…
आज तो लगभग ,कुमार की मौत का ख़ुलासा हो ही गया था किन्तु साथ ही चांदनी को जब पता चला कैसे और किन परिस्थितियों में ये सब हुआ,तब वो…
जब मेरी बेटी ने, कुमार से कहा - कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है, तो उसे कोई प्रसन्नता नहीं हुई उसने, उस बच्चे को गिराने …
पुराने समय में विवाह होते थे, तब लड़की वाले लड़के का घर बार देखते थे और जमीन -जायदाद देखते थे कि लड़का पढ़ा -लिखा है ,या फिर उनके…