Bhigi hui dharti
भीगी हुई धरा ने,जब यूं अपना श्रृंगार किया। माटी की महक ने , हर ह्रदय महका दिया। लगता,धुलित हरित वर्ण आंचल सँवार लिया। हरित दूर…
भीगी हुई धरा ने,जब यूं अपना श्रृंगार किया। माटी की महक ने , हर ह्रदय महका दिया। लगता,धुलित हरित वर्ण आंचल सँवार लिया। हरित दूर…
शिल्पा को जब पता चलता है कि चतुर के स्कूल में जो छात्र आते हैं ,उनमें से कुछ का 'मासिक शिक्षा शुल्क' आया ही नहीं है और क…
'' सभा कक्ष का निमंत्रण'' उन तीनों को संशय में डाल रहा था ,ये निमंत्रण ही था या फिर हमें फंसाने के लिए कोई जाल ब…
रत्न प्रताप राजवीर ,मोहिनी और भानू प्रताप ने, उस कक्ष में तीन नाम खुदे हुए देखे ,किन्तु तीसरा नाम हर बार की तरह ,मिटा हुआ था। जि…
बरसात की बूंदों की सरगम अपनी लय से, तन को भिगोती, कोई गीत गुनगुना रही है। ये तन ही नहीं , प्यार की 'सरग़ोशी' में डूब ,…
भानु ,मोहिनी और' रत्न प्रताप राजवीर 'तीनों उस कारागार में घूमते हुए ,'अभिलेख कक्ष ''में पहुंच जाते हैं। वहा…
केतकी बड़ी मुश्किल से ,छठवीं कक्षा उत्तीर्ण करती है किन्तु आगे पढ़ने से इंकार कर देती है जबकि उसके माता -पिता चाहते थे कि वो आगे प…
तरु की छांव में ,बैठी युवती' पथ' निहारती। कर्म करता पथ , कहो, सुंदरी !तुम किसे निहारती ? तुम कितने शांत, पथ ! अडिग, धैर…