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Zeenat [part 23]

खालिद अपने अब्बू का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, अब्बू के आते ही, उसने पूछा -अब्बू !चचाजान ने क्या कहा ? वाहिद जानते थे ,यदि इसस…

Zeenat [part 22]

ख़ालिद  के पिता, ज़ीनत के लिए अपने बेटे का रिश्ता लेकर यूसुफ के घर आते हैं और अपने भाई से ,ज़ीनत और ख़ालिद के रिश्ते के लिए युसूफ पर…

Mysterious nights [part 178 ]

हवेली के अंदर, गुरुजी प्रवेश करते हैं, और वहां देखते हैं, उस हवेली में अविश्वास छाया हुआ है , यहां बहुत बड़ा अनाचार हुआ है। हवेल…

Mysterious nights [part177]

लोग कहते हैं - कि यह मेरा 'पुनर्जन्म ''हुआ है ,ताकि मैं इन लोगों से, इनके अपराध का बदला ले सकूं ,मैं अपने प्रेम और…

Zeenat [part 21]

ज़ीनत ,मेले की भीड़ में सहेलियों से बिछुड़ गयी थी ,इसी बीच उसे ,उसके चचाजान का बेटा ख़ालिद मिल गया किन्तु नज़मा ने उसके सामने ,ख़ालिद …

Zeenat [part 20]

ज़ीनत की अम्मी 'सलमा' , उसे समझाते हुए कहतीं हैं -तुम्हारी फूफी रुकैया का बेटा' अहमद' जब डॉक्टर बन जायेगा ,उसके स…

Aaj ka satsang [part 9]

'' जीवन का उद्देश्य ''  आध्यात्मिक दृष्टि से एक गहन विवेचन -मा…

Mysterious nights [part 176]

रूही, खिड़की के पास खड़ी होकर बाहर की तरफ देख रही थी।  न ही उसके मन में कोई विचार आ रहा था और न ही जा रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे…

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