Woh din
बचपन के वो दिन, छुप-छुपकर मम्मी की साड़ी बांध लेना। अपने को,आईने में देख, कर इठलाना। आईने से घंटों छुप-छुपकर बातें बनाना। आ…
बचपन के वो दिन, छुप-छुपकर मम्मी की साड़ी बांध लेना। अपने को,आईने में देख, कर इठलाना। आईने से घंटों छुप-छुपकर बातें बनाना। आ…
श्याम ,केतकी को बताता है -मैंने ,तुम्हें,तुम्हारे भाई के विवाह में देखा था। तब केतकी कहती है - अच्छा ! वहां तो और भी लड़कियां थ…
जब मोहिनी ने उस कक्ष में प्रवेश किया , तब उसके पांव के नीचे पायल आ गयी ,मोहिनी ने झुककर उस पायल को उठाया ,उसकी आँखें अचानक ठहर ग…
जब शिल्पा से, उसके पति प्रवीण ने, उसकी सहेली का नाम और पता जानना चाहा ,तब घबराहट के कारण शिल्पा का दिल जैसे उछलकर बाहर आ जाये…
जब 'रक्षक मंडल 'का नेता मोहिनी के लिए कहता है -'उसे हमारे हवाले कर दो !'तब भानु उनके मध्य आ जाता है। वो नाराज हो…
हालांकि शिल्पा ने, चतुर को पैसे देने में, अपनी विवशता जाहिर की थी, कि वह उसे समय पर पैसे नहीं दे पाएगी किंतु फिर भी उसने, सारी र…
मोहिनी के इतना कहते ही ,कि उसने अपनी बंद आँखों से एक छोटी बच्ची और आग देखी है। यह सुनते ही ,रत्न प्रताप राजवीर के हाथों से तल…
अंधरे में अचानक वो साया, मोहिनी के क़रीब आया और उसे वही चमड़े वाली डायरी दी ,जो 'सभा कक्ष '' से चोरी हुई थी और वो मोह…