Kavita
उसने, नजर भर देखा। आंखों से दिल में उतारा। हौले से आगे बढ़ता गया। नशा, उसका चढ़ता गया। इस क़दर मन को लुभाया। लगा ,हक़ी…
उसने, नजर भर देखा। आंखों से दिल में उतारा। हौले से आगे बढ़ता गया। नशा, उसका चढ़ता गया। इस क़दर मन को लुभाया। लगा ,हक़ी…
जिस कक्ष में मोहिनी , रणवीर ,भानु और रूद्र थे ,उसका दरवाजा अचानक बंद हो गया, किन्तु थोड़े प्रयास से खुल भी गया। यह सब देखकर रणवीर…
जब दीपक को ,नंदिनी नहीं मिली ,तब वो सीधा नंदिनी से मिलने के लिए ,उसकी नानी के घर पहुंच गया। नानी, दीपक तो को देखते ही '…
न तुमने कुछ कहा, न मैंने ही..... मौन ही मौन में, कुछ बातें हो गईं । कुछ वादे हुए ,कुछ क़समें हो गयीं। ख़ामोश तुम भी थीं, ख़ामो…
श्याम और केतकी बहुत दिनों से गांव में छुप-छुपकर मिल रहे थे ,किन्तु श्याम अब उससे इस तरह मिलना नहीं चाहता था। हमेशा ड़र लगा रहता ह…
तेरी आहटों को जीती हूं मैं, तेरी आहटों को सोचती हूं। तेरे लिए जीती हूं मैं, तेरे लिए मरती भी हूं। मेरी खामोशियों में तू है, सम…
ख़ुशी से लेके चला था,ये गाड़ी ! छोटी सी गाड़ी से...लोगों की, उम्मींदे थीं, ''तमाम सारी।'' समय संग, बोझ बढ़ता गय…
मोहिनी ने ,सभा की गहमागहमी में ,ऊपर किसी परछाई को देखा और वो चिल्लाई -वो हमें देख रहा है।उसकी बात सुनकर, सबकी नजरें उसी दिशा में…