Kiski dulhan [part 13]
रत्न प्रताप ,भानु और मोहिनी अभी बातें ही कर रहे थे ,तभी उन्हें लगा जैसे इस तहखाने की तरफ कोई बढ़ रहा है। वो कोई एक व्यक्ति नहीं …
रत्न प्रताप ,भानु और मोहिनी अभी बातें ही कर रहे थे ,तभी उन्हें लगा जैसे इस तहखाने की तरफ कोई बढ़ रहा है। वो कोई एक व्यक्ति नहीं …
वो भले ही, मुझसे लड़ती ,झगड़ती है। पर मेरी परवाह भी तो, वही करती है। रिश्ता हमारा भले ही पुराना हुआ है । जब मुस्कुराकर मेरी तरफ…
कबीर हताश, निराश, टहलते हुए , सागर किनारे आकर बैठ गया। मन ही मन सोच रहा था, इस जीवन का क्या करूं ? जो चाहता हूं, वह होता नहीं है…
रहा !' बीज 'का स्वप्न अद्भुत ! माटी के गर्भ में सोया, 'बीज' स्वप्न देख रहा था। बाहर आ,'अंधकार' से, …
जब मोहिनी और भानु ने उस व्यक्ति के मुख से उसका नाम सुना, तो बुरी तरह चौंक गए।'' एक ज़िंदा आदमी... जिसे दुनिया मरा हुआ स…
आज शिल्पा की ,मुस्कुराहट में भी, चतुर को उसका दर्द नज़र आया। उसकी ख़ामोशी में शोर नजर आया। तब वो शिल्पा से पूछ बैठता है -आखिर क्य…
अभी मोहिनी और भानु सुरंग के बाहर खड़े सोच ही रहे थे ,कि क्या किया जाये ? तभी सुरंग में से फिर से वही आवाज़ गूँजी— "भानू ..…
लगाती हूँ, बिंदिया ! पहनती हूँ ,चूड़ियां ! मुस्कुराती हूँ ,एक रिक्त स्थान तेरी यादों का। सजती -संवरती हूँ ,दिन -रात कटते हैं ,मग…