Shaitani sa......7
केशवदास जी, घर पर भोजन करने के लिए आए थे। उन्होंने अपने तीनों बेटों को बुलाया और उनसे कहा - तुम प्रेम के बड़े भाई हो , क्या तुम…
केशवदास जी, घर पर भोजन करने के लिए आए थे। उन्होंने अपने तीनों बेटों को बुलाया और उनसे कहा - तुम प्रेम के बड़े भाई हो , क्या तुम…
भानुशिला हवेली का दूसरा वारिस यानि कि भानू प्रताप सिंह भी अपने बड़े भाई के विवाह में शामिल था। वो उस समय वहीँ पर उपस्थित था। जब ए…
चतुर अपनी वाकपटुता से ,अपने आस -पास से ही, उन भाभियों को अपने स्कूल के कम बज़ट के हिसाब से ही पढ़ी -लिखी उन महिलाओं को अपने स्कूल…
आज ,'मोहिनी' और 'रूद्र प्रताप सिंह 'का विवाह है ,मोहिनी अपने सपनों के राजकुमार, अपने प्रेमी की प्रतीक्षा में है।…
सूरज पश्चिम की ओर जाते हुए, अंधियारे, गलियारों में कहीं खो चुका है , किन्तु रायगढ़ की हवेली ''भानुशिला '' सैकड़ों…
चतुर, कस्तूरी से, स्कूल के बच्चों को पढ़ाने के लिए कहता है ,तब कस्तूरी कहती है -''मैं भला बच्चों को कैसे पढ़ा पाऊँगी ?'…
जीवन ड़गर पर चल तू मुसाफ़िर ! चल वक़्त के साथ ! न वक़्त तेरा ,न ये जीवन,वक़्त पर न किसी का पहरा। गया वक़्त !न आया हाथ ,वास्ते किसी …
चिड़ियों की चहचाहट के स्वर के साथ ही, केतकी की माँ की नींद खुल गयी ,बाहर आकर देखा ,दिन निकलने ही वाला है। उन्हें घड़ी देखने की आ…