Sunahare garmi ke din
गर्मी की स्वर्णिम रवि किरणों ने,आँचल अपना फैलाया है। गर्मी ने , मानव जीवन से तालमेल, कितना बिठलाया है ? प्रातः की मनमोहक धूप ,…
गर्मी की स्वर्णिम रवि किरणों ने,आँचल अपना फैलाया है। गर्मी ने , मानव जीवन से तालमेल, कितना बिठलाया है ? प्रातः की मनमोहक धूप ,…
माली से डांट खाकर,' निर्मला,' जब आम के बग़ीचे से बाहर आई ,वो अपमान और केतकी के दिए धोखे से तिलमिलाई हुई थी। उसने उन खे…
जब उर्वशी को उस अनजान शख़्स यानि 'चतुरभार्गव 'के विषय में मालूम पड़ा ,तब उसे आश्चर्य तो हुआ किन्तु उसकी सम्पूर्ण कहानी, उ…
जब 'चतुर भार्गव' ने, अपने' व्हाट्सएप' पर अपनी तस्वीर लगाई, उर्वशी उस तस्वीर को देखकर चौंक गयी। उसके मन में कभी -…
बाहर और अंदर एकदम सब कुछ शांत था। नेहा ने इधर -उधर देखा ,किन्तु उसे कुछ दिखलाई नहीं दे रहा था। कमरे में 'स्याह अंधेरा'…
अब तक उर्वशी को, उस अनजान शख़्श से बातें करते हुए काफी समय हो गया था। उसका व्हाट्सएप नंबर भी मिल गया था ,शायद उसे भी लगने लगा था।…
हाथों की लक़ीरों में छुपे राज़ कई , ' उसने 'बनाया पर समझा न कोई। कहने और समझने वाले कहते,लोग कई। आडी- तिरछी रेखाओं में ज…
कभी-कभी इंसान अपनी परेशानियों में इतना मशरूफ हो जाता है, कि उसे अपने लिए समय ही नहीं मिलता। यदि एक महिला बाहर जाकर कमा रही है,…