Mysterious nights [part 163]
दमयंती को अभी भी किसी पर विश्वास नहीं था इसीलिए अपने कमरे में बैठी हुई ,कैमरे में से देख रही थी,उन्होंने देखा, अभी कुछ देर पहले …
दमयंती को अभी भी किसी पर विश्वास नहीं था इसीलिए अपने कमरे में बैठी हुई ,कैमरे में से देख रही थी,उन्होंने देखा, अभी कुछ देर पहले …
दमयंती बाहर से अपने को मजबूत दिखा रही थी किन्तु अब अंदर ही अंदर उसे अपने बेटे का गम खाये जा रहा था।गर्वित भी अब जा चुका था ,दम…
वो पगली सी दिखने वाली लड़की ,कई दिनों से भूखी थी। तब भूमि उसे भोजन देती है ,जब उसके पेट की भूख शांत हुई, तब वो मुस्कुराई और बोली …
रूही हवेली के पिछले द्वार पर खड़े किसी बुजुर्ग़ को देखती है और उनसे बात भी करना चाहती है ,किन्तु उस बुजुर्ग़ व्यक्ति ने, न ही उसे …
अभी कुछ देर पहले ही तो, सब हंस बोल रहे थे, दोनों भाइयों में झगड़ा भी हुआ था। गौरव ! तो पूर्णतया स्वस्थ था, फिर अचानक इसे क्या हो…
दमयंती जी जब गर्वित और गौरव का झगड़ा सुलझाने छत पर जाती हैं ,तब गौरव अपना संदेह रूही पर जतलाता है -कहीं ऐसा तो नहीं, रूही हममें फ…
दमयंती। आज बहुत दिनों के पश्चात, छत पर आई है। उम्र भी तो ढलने लगी है, नीचे ही बहुत काम हो जाता है किंतु आज बच्चों के कारण, उसे …
अपनी बेचैनी में मधुलिका ,मंकु को लेकर ताजमहल के समीप पहुंच जाती है और वहां पहुंचकर, आस -पास देखती है ,कहीं कुमार यहाँ, हमसे पहल…