Mysterious nights [part 196]
धन ,सम्पत्ति के लालच में, पार्वती हवेली में आई थी। सोचती थी -अमीरों की तो अलग ही शान होती है। काम करने के लिए नौकर -चाकर होंगे। …
धन ,सम्पत्ति के लालच में, पार्वती हवेली में आई थी। सोचती थी -अमीरों की तो अलग ही शान होती है। काम करने के लिए नौकर -चाकर होंगे। …
रूही अपने बच्चों की फिक्र में, बौराई सी हो गई थी, वह समझ नहीं पा रही थी कि अपने बच्चों से कैसे मिले ? जबसे आश्रम में वो हादसा हु…
गर्वित, पार्वती की बातें, सुन रहा था और सोच रहा था- मैं इतनी छोटी सी बात भी न समझ सका किन्तु गलतियाँ तो उसने भी की हैं ,फिर मै…
कुणाल तुम्हें एक बार उस मकान में जाकर छानबीन करनी होगी। हम चाहें तो कह सकते हैं ,इन दोनों ने मिलकर हत्याएं की हैं किन्तु हमें अ…
आश्रम में बैठी ,रूही अपने आपको टटोल रही थी, शुरू में जब मैं यहां आई थी, मन में एक खालीपन था। सब कुछ रिक्त था ,न विचार ,न ही क…
ज्यादा सोचने और समझने में उम्र निकल जाती है। जो खुश रहने की उम्र थी, वह न जाने कहां खो जाती है ? अब कभी उम्र के एक पड़ाव पर सोच…
रूही ,नाराज होकर आश्रम में तो आ गयी किन्तु वहां उसे, अपने बच्चों की चिंता परेशान कर रही थी। वह स्वयं ही नहीं समझ पा रही है ,वो न…
रुही की सच्चाई जानकर ,गर्वित को बहुत क्रोध आता है ,किंतु समझ नहीं पाता, कि ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए ? तब उससे पारो बा…