Dhokha [part 49]
आज दीपक ने अपनी सच्चाई अपने ही दोस्त प्रतीक को बताई ,जिसे सुनकर प्रतीक अचम्भित रह गया। प्रतीक को न जाने कैसे अंदेशा हो गया था ? …
आज दीपक ने अपनी सच्चाई अपने ही दोस्त प्रतीक को बताई ,जिसे सुनकर प्रतीक अचम्भित रह गया। प्रतीक को न जाने कैसे अंदेशा हो गया था ? …
एक रात्रि, विवाह की तैयारी के मध्य नंदिनी का, दीपक को फोन आया और नंदिनी ने, दीपक से बताया - मैंने उसे देखा है। तुमने, किसे द…
रोज थोड़ा सा टूटती हूं, फिर जुड़ भी जाती हूं। अपनेआप ही बिखर कर,अपने को संवारती हूं। वक़्त के थपेड़ो से नहीं ,रिश्तों से मात खात…
कभी हर आंगन में, बालकों गूंज होती थी। कभी नन्हें ,मुन्नों की किलकारियां गूंजती थीं। कभी सड़कों पर ,भोर होते ही भीड़ होती थ…
नंदिनी जब अपनी होने वाली सास के साथ खरीददारी करने गयी थी तब भी, उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि मैंने प्रतीक को नहीं देखा। उसके भ…
वो भी क्या दिन थे ? राम राम बहनों 🙏बहुत दिनों बाद याद किया। क्या करें ? समय ही नहीं मिलता। मेरी तो नौकरी है, सुबह से शाम तक न…
एक महिला अचानक आकर, मोहिनी के हाथ में कोई डिब्बा देकर तुरंत ही वहां से चली जाती है। उस महिला को देखने के लिए भानु भी दरवाज़े तक …
मोहिनी ,को किसी ने एक रिकॉडिंग भेजी ,जब मोहिनी ने उसे सुना -''अगर तुम यह सुन रही हो, तो शायद तुम उस कमरे तक पहुँच चुकी …