Read more

Khamoshi ki juban

इस तरह मत जाओ ! रुक जाओ ! थोड़ी सी तो देर हुई है, मैं अभी टिफ़िन लेकर आती हूं।  तुम्हारा तो रोज का यही नाटक है, कहकर पुनीत तेजी …

Dard likhti hun

मैं दर्द लिखती हूं, अपनी कहानी, किस्से या फिर कविताओं में, वह अनकहा दर्द जो कहा नहीं जा सकता, महसूस होता है, कहा नहीं जा सकता। अ…

Zeenat [part 46]

ज़ीनत की हालत वैसे ही थी ,उसकी हालत में और कोई सुधार न देख ,सलमा ने उसे डॉक्टर को दिखाया ,डॉक्टर ने उसकी जाँच की ,तब उसने पूछा …

Zeenat [part 45]

एक दिन  ज़ीनत से उसकी अम्मी पूछ रही थीं  - क्या तुम भी अपने भाइयों के साथ वहां गयीं थीं ? ज़ीनत ने हाँ में गर्दन हिलाई।  वहां तुमन…

Zeenat [part 44]

घर में सभी को पता चल गया था ,ख़ालिद के जाने का उन्हें ,ग़म तो हुआ किन्तु अपने बच्चों की भी फ़िक्र होने लगी। अब इन्हें जेल जाने से क…

Zeenat [part 43]

खालिद की मौत हो चुकी है ,यह बात जब सलमा को पता चली, तो उसकी रूह कांप गई और वह घबरा गई कि अब उसके घर पर मुसीबतें आने वाली हैं। कभ…

Kismat ka you turn

जिंदगी अपनी राह पर बढ़ती चली जा रही थी।  न जाने , वह कहां और किधर जा रही थी  ? न मंजिल का था पता, न ही कोई राह सूझती थी।  जिंदगी…

Zeenat [part 42]

सैयद और नाज़िम ,   ख़ालिद को बहकाकर उससे कुबूल करवाना चाहते थे कि उसने ही ज़ीनत के साथ ऐसी ग़लत हरक़त की ,तब ख़ालिद ने ये बात मंजूर कर…

Load More
That is All