Tum saath ho
मेरी हर' आरज़ू' में तुम हो, ख्वाबों, खयालों में तुम हो। मेरी धड़कन, हर सांस में, मेरी रूह की आवाज में, तुम हो, सिर्फ तु…
मेरी हर' आरज़ू' में तुम हो, ख्वाबों, खयालों में तुम हो। मेरी धड़कन, हर सांस में, मेरी रूह की आवाज में, तुम हो, सिर्फ तु…
जब पंडित अलोपीचन्द जी के घर को खोला गया ,तब एक रहस्य और खुला ,उनका छोटा बेटा' बलराज'भी अब इस दुनिया में नहीं रहा और अब व…
तुषार, किसी अनुभवी पंडित की तरह,' पंडित दीनदयाल जी'' को आदेश दे रहा था, और वह भी उसका कहा मान रहे थे। यह सब क्या हो …
पंडित जी के घर के सामने पहुंचकर ,उन्होंने उन्हें आवाज़ लगाई - क्या पंडित दीनानाथ जी घर में हैं ? कौन है ? भाई ! आ रहे हैं, अंदर…
मां के देहांत के पश्चात, वह उन चार महिलाओं को लेकर घर में आ गया। उसके पास बहुत पैसा था, उसने उनसे विवाह तो नहीं किया था, किंतु…
तेरे सभी सवालों का जबाब तुझे मिलेगा ,पहले तू ये बता, इतने दिनों से कहाँ था ? क्या कर रहा था ? इतने वर्षों से तुझे एक बार भी, अप…
अपने गांव पहुंचने पर, जब ताराचंद जी ''पंडित अलोपीचंद जी'' के, घर के विषय में जानना चाहते हैं, तो वहां बैठे लोग, …
बरसों से, ताराचंद जी ने, अपने सीने में एक राज़ छुपाया हुआ था, आज भी मजबूरी में, अपनी पत्नी शारदा जी को बता रहे हैं। आज तक यह बात…