मेरी हर' आरज़ू' में तुम हो,
ख्वाबों, खयालों में तुम हो।
मेरी धड़कन, हर सांस में,
मेरी रूह की आवाज में,
तुम हो, सिर्फ तुम ही हो।
मेरी हर ज़रूरत में तुम हो।
मेहरबाँ तुम हो ,नादाँ मैं हूँ।
मेरे प्रेम की फुहार तुम हो।
मेरे अश्क़ों की पुकार तुम हो।
मेरे इर्द -गिर्द मंडराता एहसास तुम हो।
ख़्यालों की उड़ती बयार तुम हो।
मेरी हर मुस्कान में, विश्वास तुम हो।
तुम्हारा साथ है, तो जी रही हूं, मैं !
तुम्हारा साथ मेरे हर अंदाज में है।
सामने न, होकर भी साथ हो, मेरे ,
बस,यही ख्याल !आभास मेरे साथ है।
उम्र भर साथ निभाया,आगे भी निभाना,
माना कि तुम सबके हो ! ख़ुदा !
लगता,मेरी हर साँस में,तुम साथ हो'' मेरे !
