तेरी आहटों को जीती हूं मैं, तेरी आहटों को सोचती हूं।
तेरे लिए जीती हूं मैं, तेरे लिए मरती भी हूं।
मेरी खामोशियों में तू है, समाया।
हर वक्त तू ,मुझे यूं ही याद आया।
जब से गया तू ,हरदम रहा संग तेरा साया।
एहसास तेरे साए का महसूस करती हूं मैं ,
तुझे हर पल ,हर जगह ढूंढती हूं।
मैं ख्वाबों में अपने ,तुझे ढूंढती हूं।मैं आईने में ,तुझे खोजती हूँ।
कहनी थी, कितनी बातें तुझी से,
तेरी तस्वीर से...मन बहलाती हूं मैं,
तेरी यादों में तुझे ढूंढती हूँ।
सामने तुझको बिठाकर तुझी से शिकवे,
तन्हाइयों तेरी खुशामद भी करती हूं ,मैं !
तुम्हीं से मोहब्बत ,तुम्हीं से शिकायत ,
तुम्हीं से अदावत, तुम्हीं पर इनायत
मेरी रूह को जो ,सुकून आए, उन सांसों को खोजती हूं मैं।
तेरी आहटों को जीती हूँ ,मैं...तेरी आहटों को खोजती हूँ।
