Teri yaadon ki door

    तुम्हारी रेशमी डोर सी यादें, अकेले में, अक़्सर मुझे घेर लेती हैं। 

    जब तुम मेरी, यादों के घेरे में समाते हो ,आते हो ,आते ही जाते हो।

    बुने थे ,कभी ख़्वाब हमने संग -संग ,अब जाने क्यों दूर हो गए इतने , 

     अब क्यों ?मेरी यादों के झरोखे से झांक ,मुझको इतना सताते हो।  


                       तन्हाइयों की गहराई में डूब ,

            कुछ पुरानी परछाइयां, मुझमें सिमट जाती हैं। 

            लिपट जाती हैं,जब तुम मेरी यादों में आते हो।

                 कुसुम सी नाजुक़ मैं ,मुरझा जाती हूँ।

          तेरी यादों में,फूल की पंखुड़ी सी बिख़र जाती हूँ।

         जब तेरी यादों के कुछ पल ,मेरे  दिल को दुखाते हैं। 

        अभी भी तेरी प्रीत की डोर संग खींचती चली आती हूं।  

         देखती हूं ,उस द्वार को,जिस द्वार से तुम मुस्कुराते हो। 

            जब तुम मेरी खामोशियों पर, हावी होते हो। 

           आ जाती हैं , कुछ सुनहरी यादों की तस्वीरें,

          टूटने लगती हूँ ,जब वो महल बिखरने लगते हैं।

             तुझे यादों में याद कर ,अक़्सर मैं रोती हूँ। 

     कभी ,चले आते हो हौले से ,मेरे कानों में गुनगुनाते हो।

   जब मैं तेरी यादों में खोती हूँ , अपने आपको भूल जाती हूँ।

     कभी हंसती ,कभी रोती मैं तेरी यादों को संजोती हूँ।

  तेरी यादों की डोर से बंधी आज भी ,मैं तेरी यादों को जीती हूँ।      


laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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