इंस्पेक्टर कुणाल दोनों लड़कियों की तस्वीर मंगवाता है, वह देखना चाहता है, कि दोनों कलाकार क्या एक ही हैं ? किंतु उनकी तस्वीर देखकर लगता है, दोनों एक दूसरे के विपरीत हैं। एक बिल्कुल सीधी -सादी और दूसरी पाश्चात्य रंगों में रंगी हुई थी। दोनों शक़्ल -सूरत से भी एक दूसरे की बिल्कुल विपरीत थी, किंतु कमाल की बात एक ही थी, कि दोनों ही कलाकार थीं।
कुछ देर पश्चात, रामदीन आकर बताता है -साहब ! हवाई अड्डे के सीसीटीवी कैमरे में भी इस तरह की कोई लड़की पकड़ में नहीं आई है।
ऐसा कैसे हो सकता है ? आश्चर्य से इंस्पेक्टर कुणाल कहता है , आखिर वह लड़की कहां गई ? क्या तुमने कल का भी सीसीटीवी कैमरा भी देखा था।
जी, कल से लेकर आज तक, सब की जांच की और पता लगवाया, क्या किसी यामिनी नाम की लड़की ने , फ्लाइट बुक कराई है , किंतु यामिनी नाम की कोई यात्री वहां किसी भी फ्लाइट से नहीं गयी है।
मेरा विचार है, वह अभी यही है और हमें चकमा देने के लिए, उसने कोई फ्लाइट बुक ही नहीं कराई है और यहीं छिपी हुई है ,मौका देखकर यहाँ से निकल जाएगी। इतनी समझ तो उसे भी होगी ,कि यदि पुलिस को उस हत्या का पता चला तो वो हत्यारे की तलाश तो करेगी ही....
सर !उसकी तो इतनी सारी पेंटिंग्स हैं ,उन्हें लेकर कहाँ जाएगी ?उसे कोई बड़ी सी जगह लेनी पड़ेगी।
हाँ ,यह बात तो है ,अपने आदमियों से पता लगवाओ !क्या किसी ने बड़ा सा गोदाम खरीदा है या किराये पर लिया है ,वो अपनी पेंटिंग्स कहीं तो छुपाएगी। यह भी तो हो सकता है, यहां उसका कोई जानकार हो और वो उसकी सहायता कर रहा हो और यह भी हो सकता है कि वह यहीं पर कहीं छुपकर रह रही हो। एक बार प्रधानाध्यापक से पूछ कर देखना तो चाहिए, हम उसे फोन नहीं करेंगे ,वो ही फोन करके देखेंगे। पता तो चले! इस वक्त वह कहां है ? उनका भी फोन उठाती है या नहीं।
साहब !ये क़ातिल लोग बड़े ही चालाक होते हैं, और वह भी कातिल, कोई हसीना हो तो बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, कहते हुए हंसने लगा उसकी बात का आशय समझ कर वे दोनों भी हंसने लगे।
तब कुणाल ने, बोर्ड पर दो लड़कियों की तस्वीर लगाई एक लड़की जो,' भरतपुर' में रहती थी, वह भी कलाकार थी, उसने अपने पति की हत्या की और आज तक गायब है और दूसरी लड़की जो देश-विदेश में घूमती है, देखने में दोनों एक -दूसरे बिल्कुल विपरीत हैं । हमें यह भी मालूम नहीं है ,कि ये यामिनी मूल रूप से कहां की है ? इसके विषय में पता लगाना होगा। उसने भी हत्या की है, किंतु उसने, जिसकी हत्या की है, वह उसका पति है, या फिर प्रेमी ! वो जो इस बात का दावा कर रही है कि वह उसका पति है यानी कि मधुलिका का.... कुमार के विषय में विस्तार से जानना होगा।
कुर्सी पर बैठकर, कुणाल गहरी सांस लेते हुए कहता है- चित्र देखकर तो यह नहीं लगता, कि यह दोनों लड़कियां एक ही हैं किंतु दोनों के साथ परिस्थिति एक जैसी ही है। यह भी तो हो सकता है कि कुमार श्रीवास्तव मधुलिका का पति है किंतु उसने, यामिनी को नहीं बताया -कि वह शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता भी है और वो यामिनी से भी विवाह कर लेता है।
और दूसरी परिस्थिति यह भी हो सकती है , कि कुमार ने यामिनी से झूठ बोला - उससे प्यार का नाटक किया, उसे गर्भवती बनाया और अब जब वो माँ बनने वाली होती है ,तब वो उस पर विवाह के लिए दबाब बनाती है और कुमार ,उससे विवाह करने से इंकार कर देता है और तब यामिनी को उस पर क्रोध आता है या फिर सच्चाई का पता चल जाता है ,तब वो उसकी हत्या कर देती है।
दूसरी स्थिति के आधार पर हम कह सकते हैं- कि यह हत्या का एक बड़ा कारण हो सकता है किंतु यह समझ नहीं आ रहा कि वह यामिनी नाम की कलाकार कहां से आई थी और कहां को चली गई ? तभी कुणाल एकदम से उठा और बोला -हम यह पता नहीं लगा सकते कि यामिनी कहां गई है ,किंतु यह तो पता लगा सकते हैं -कि वह कहां से आई थी ?
क्या मतलब ? इससे क्या बात हासिल होगी ?जाधव ने पूछा।
मान लीजिए ! हमें पता भी चल जाता है कि वह फ्रांस से है, अमेरिका से है, किसी भी विदेश से है ,इससे क्या फ़र्क पड़ जायेगा ,क्योंकि विदेश में, एक लड़की को ढूंढना मामूली बात नहीं है , रामदीन ने कहा और हम लोग वहां की पुलिस से सहायता लेने के कह नहीं सकते ,सहायता कर भी सकती है और.... कुछ कहा नहीं जा सकता।
तुम कह तो सही रहे हो , लेकिन कहीं से तो शुरुआत करनी होगी , अचानक ही कुणाल के मन में एक विचार आता है और कहता है - आओ, चलो चलते हैं !
रास्ते में रामदीन ने पूछा - सर ! हम कहां जा रहे हैं ?
' इंस्पेक्टर तेवतिया' से मिलने, हो सकता है, उनसे मिलकर, हम इस समस्या को सुलझा सकें।
कुछ देर पश्चात वे लोग' इंस्पेक्टर तेवतिया' के सामने बैठे थे। इंस्पेक्टर तेवतिया बोले -आपने जो कुछ भी कहा ,वह सही हो सकता है ,कलाकार एक ही है , किंतु दोनों के चेहरे अलग हैं किंतु एक बात गौर करने की यह है, दोनों की क़द -काठी बिल्कुल एक जैसी है।
आप कहना क्या चाहते हैं ? इंस्पेक्टर कुणाल ने पूछा।
मैं यह कहना चाहता हूं, यह दोनों लड़कियां एक भी तो हो सकती हैं।
वह कैसे ? आजकल चेहरे बदलने की इतनी चीजें चल रही हैं कि आजकल सही आदमी का पता लगाना, मुश्किल होता जा रहा है। ''आजकल लोगों के चेहरों पर इतने मुखोेटे लगे हैं , असली चेहरा कौन सा है ?पहचान में ही नहीं आता।''
वाह !वाह ! क्या बात कही है जाधव और रामदीन बोले।
कुणाल और तेवतिया देने ने उनकी तरफ देखा ,कुणाल ने कहा -यहाँ का क्या मुशायरा हो रहा है ?दोनों ने गर्दनें नीची कीं ,तब दोनों इंस्पेक्टर हंसने लगे। तब हमें कैसे पता लगाना होगा ? कि उसका चेहरा बदल दिया गया है।
शिल्पा जब यहां से गायब हुई थी, तब से ही यहां नहीं है, उसकी मां का कहना है -कि उसका अपहरण हुआ है किंतु आज तक हमने उसे नहीं देखा किंतु मुझे लगता है कि वह जानती है कि उसकी बेटी कहां है ?
यह तो साधरण सी बात थी ,क्या उसकी मां अपनी बेटी को फोन नहीं करती होगी, उसका फोन रिकॉर्ड करके हम तब भी,उसका पता लगा सकते थे ,कुणाल ने सुझाया
वह बहुत ही चालाक औरत है , उसने आज तक किसी भी ऐसे नंबर पर फोन नहीं किया , आजकल तो सिम भी बदले जाते हैं, क्या उसने कभी ,कहीं विदेश में भी, किसी को फोन नहीं किया ? कुणाल ने पूछा।
हां, एक बार उसने बताया था 'कि विदेश में उसकी फुफेरी बहन रहती है , हमने उनका फोन टैप किया था किंतु उसमें कुछ भी ऐसा नहीं लगा जिससे उस पर संदेह किया जा सके।
उन्होंने अवश्य ही कुछ ऐसे कोड वर्ड में बात की होगी, जो हम समझ नहीं पाए होंगे लेकिन उनका काम हो गया। उन फुफेरी बहन का ही नंबर हमें लेना चाहिए इंस्पेक्टर कुणाल ने कहा। हो सकता है वहीं से हमें कोई कड़ी मिल जाए और यह गुत्थी सुलझे। वैसे वह विदेश में क्या कार्य करती है ?
