सच नहीं होते ,सभी के अच्छे -बुरे सपने !
सच्चाई की राह पर , मेहनत.... के सपने !
किसी की उन्नति, किसी की चाहत के सपने !
ना हो पूरे, किसी को मिटाने,गिराने के सपने !
धोखेबाजी,अहंकार,चोरी खून खराबे के सपने !
किसी की पीठ में छुरा घोंपने ,के सपने !
ग़र सपना सच्चा हुआ ,प्रेम का.........
यूँ ही बढ़ते रहें , प्रेम के सपने !
पूरे हों ,आगे बढ़ मेहनत और सच्चाई के सपने !
क्या हो ? मेरा भी सपना !सच हो जाए ,
बेहतरीन लेखिका बन ,
नाम मेरा भी , लोगों के दिलों पर छा जाये ,
छा जाऊँ ,लेखकों की महफिल में ,
ताली खूब बजे , लब पे, जब मेरा नाम आये।
