कुछ चेहरे नजर आते हैं, 'दर्द 'छलक जाते हैं।
ना देख, मेरे चेहरे की मुस्कान, दिल में छाले उभर आते हैं।
कैसे करें ?हाल ए बयाँ, कुछ फफोले हैं कभी-कभी रिस जाते हैं।
कुछ रिश्ते,नजर आते हैं ,वह दर्द दे जाते हैं।
कुछ चेहरे नजर आते हैं ,दर्द छलक जाते हैं।
दिल के तार न बजने देना, दिल के तार बजे तो... गम के गीत बज जाते हैं।
दर्द की गहराइयों में डूबा है ,यह दिल !कैसे कहें?मुँह पर ताले लग जाते हैं।
कुछ रिश्ते,नजर आते हैं ,वह दर्द दे जाते हैं।
कुछ चेहरे हैं, जिन्हें देख ,दर्द छलक जाते हैं।
अपना ही समझ ,दिल की गहराइयों में ही ,कुछ दर्द हम छुपा जाते हैं।
हमें आदत नहीं ,दुखड़ा रोने की ,बाहर से तो हम खुश नजर आते हैं।
कुछ रिश्ते हैं जो करीब हैं, दूर नजर आते हैं।
कुछ चेहरे हैं ,जिन्हें देख ,दर्द छलक जाते हैं।
कह नहीं पाते हैं, दर्द दिल का...... वो स्वयं ही आंखों से छलक जाते हैं।
समेटे बैठे हैं, रिश्तो की गठरी , दर्द देने से , फिर भी बाज नहीं आते हैं।
मेरी कमाई -
रिश्तो को सहेजा है,
दर्द को समेटा है ,
प्यार को बांटा है ,
कर्म किया बहुत,
लोगों से मिला झांसा है।
