किया गहरा असर,जो आज भी है,वो पल ,आज भी स्मरण हो गए।
जिंदगी के कुछ अनमोल पल, कुछ लम्हे, कुछ साल अतीत हो गए।
कैसे भुला दें ?उस अतीत को !जो जिंदगी के लिए ,'सबक 'हो गए।
ज़िंदगी की नींव अतीत है ,न जाने कितने वर्ष?अतीत में ही खो गए।
कैसे अतीत को खोजें?ज़िंदगी के पच्चीस -पचास वर्ष अतीत हो गए।
जिस पर टिकी है,आज इमारत !वो लम्हेंअतीत में ही विलीन हो गए।
भावी तमन्ना में जी रहे हैं ,हम ! आज भी , अतीत के पन्ने पुराने हो गए।
अतीत की गहराइयों में छुपे ,न जाने कितने राज !आज रहस्य हो गए।
बचपन ,युवावस्था ,अतीत के वह स्वर्णिम पल कुछ का अरमान हो गए।
गिनी जाती हैं ,गिनतियाँ ! एक से, कैसे वो ज़िंदगी के पल जाया हो गए।
फाड़ नहीं सकते ,हम उन पन्नों को,जो जिंदगी की किताब में शुमार हो गए।
शुरू से शुरू होती है, क़िताब !अतीत की गहराइयों में छुपकर राज हो गए।
अतीत की बातें -
ना चाहते हुए भी ,अतीत की वह बातें स्मरण हो जाती हैं।
भूलना भी चाहूँ , बार-बार याद आती हैं।
कुछ प्यारी -प्यारी यादें सुकून दे जाती हैं।
कुछ खट्टी ,मीठी सी तेरी बातें याद आती हैं।
कुछ बातें हैं, जो तेरे होने का ,आज भी एहसास दिलाती है।
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