Ek khas safar

सोचा था ,इस जीवन में ही ,जीवन जी लेंगे ,

पिछले जन्म में जो कमियां रह गयी ,अब पूरी कर लेंगे। 

इस संसार के आवागमन से छुटकारा पा  लेंगे।

कुछ कमियाँ तो.......  अभी भी रह गयीं हैं ,

इस ज़िंदगी से भी कुछ ,शिकवे -शिकायतें हैं। 

सोचा था ,  मोहब्बत को भरपूर जी लेंगे। 

जो कमियां रह गयीं ,पिछले जन्म में ,अब पूरी कर लेंगे।


मोहब्बत के ,रास्ते भी थे दो , पशोपेश में रहे ,

माशूक़ किसे बनाना है ?जिसने सबको बनाया ,

अथवा , जिसे उसने ''हमारे लिए ''बनाया। 

छोटा रास्ता चुन ,सामने खड़े माशूक को ही अपना लेंगे। 

मिलकर ,दर्द ओ गम बाँट लेंगे ,जो कमी रह गयी पूरी कर लेंगे।

उन्हीं रिश्तों को निभा लेंगे ,उसी मोहब्बत का सबक लेंगे।  

जीवन साथी ,संग जीना भी आसान नहीं ,

जलेबी सी इस ज़िंदगी को , इसी जन्म में संवार लेंगे।

जो मिठास रह गयी थी , अब पूरी कर लेंगे। 

इस ज़िंदगी ने ,जलेबी बन , घुमाया बहुत...... 

स्वाद ही भूल गए ,जो कमियां थीं ,उन्हें  गिनते ही रह गए  ,

सोचा तो यही था ,यहीं सब ,हिसाब -किताब निपटा लेंगे। 

रिश्तों की तुरपन खोलते ,सिलते उसी संग जीवन बिता लेंगे।

उलझे यूँ , ज़िंदगी की पहेली में ,ज़िंदगी कब बीती ?

कब जिया ?ज़िंदगी को !इसी उलझन में रहे बैठे ,

सोचा था ,तुझे ज़िंदगी के इस सफ़र में अपनाकर ,

इस सफ़र को कुछ ख़ास बना लेंगे।

रह गयीं  फिर भी ,कुछ शिकायतें इस ज़िंदगी से ,

सोचा था , इस सफ़र को पूर्ण कर, ज़िंदगी सुकून से बिता देंगे।   


  

laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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