सरकारें आतीं हैं ,चली जातीं हैं।
इंसानी फ़ितरत नहीं बदलती है।
सरकारी अस्पताल गंदे होते हैं।
उन को क्या वेतन नहीं मिलते हैं ?
सरकार से वेतन, सम्मान मिला है।
सरकार को कोसने से क्या होता है ?
अपने आलस्य में ,खा गए ,
आने वाली पीढ़ी का रोजगार !
सरकार को रोते है ,
काम नहीं करते हैं।
उसका दिया वेतन समेटते हैं ,।
व्यक्तिगत नौकरी में पैसा कम ,
मेहनत ज्यादा करते है ,
फिर भी सरकार को रोते हैं।
सरकार आकर क्या झाड़ू लगाएगी ?
''स्वच्छता अभियान ''ही चलाएगी।
