प्रकृति के रहस्य ,अनंत ,
नदी ,तालाब ,जंगल ,मानव ,
भाँति -भाँति के रहस्य इसके ,
'मानवीय जंगल 'बड़ा विचित्र है ,
विचित्र उसका स्वभाव ,चरित्र है ,
सोच में भिन्नता लिए ,
रहस्यों से परिपूर्ण है ,
जंगल को मिटा ,
अपना अधिपत्य जमा रहा भरपूर है.
कंक्रीटों ,पत्थर के जंगल ऊगा ,
हो रहा मद में चूर है।
उसका रहस्यमयी जीवन ,
रहस्यों से भरपूर है।
जीवन के रहस्यों को ही ,
समझ न पाया।
होता, स्वयं ही मजबूर है।
