Jangal ka rahsy

 प्रकृति के रहस्य ,अनंत ,

नदी ,तालाब ,जंगल ,मानव ,

भाँति -भाँति के रहस्य इसके ,

'मानवीय जंगल 'बड़ा विचित्र है ,

विचित्र उसका स्वभाव ,चरित्र है ,

सोच में भिन्नता लिए ,

रहस्यों से परिपूर्ण है ,


जंगल को मिटा ,

अपना अधिपत्य जमा रहा भरपूर है.

कंक्रीटों ,पत्थर के जंगल ऊगा ,

हो रहा मद में चूर है। 

उसका रहस्यमयी जीवन ,

रहस्यों से भरपूर है। 

जीवन के रहस्यों को ही ,

समझ न पाया। 

होता, स्वयं ही मजबूर है।  


laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

Post a Comment (0)
Previous Post Next Post