Jivan !ek rhasy

एक रहस्य से निकल ,

दूसरे रहस्य में प्रवेश ,


कर जाते हैं...... 

जन्म कब ,कहाँ और कैसे हुआ ?

अभी जाना ही नहीं ,

जीवन के रहस्यों को सुलझाते हैं।

कब ग़म -ख़ुशी होगी ?

कौन अपना कौन पराया होगा ?

पहेली सुलझाते -सुलझाते ,

मृत्यु  जाल में फंस जाते हैं। 

मृत्यु के रहस्यों को  ....... 

जान सका न कोई ,

न ही ,जीवन जी पाते हैं ,

न ही ,मोह में पड़, मर पाते हैं।

इन तीनों के बीच में फंसकर ,

अनजान मुसाफ़िर...... 

 रहस्यों में उलझे रह जाते हैं।  

  


 

laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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