वास्तविक सौंदर्य ,तो....
आँखों में बसा है।
जिसकी जैसी प्रकृति ,
वो वही देखता है।
नजरें देखती हैं.......
सुंदर मोहक रचना !
कोई तन देखता है।
कोई मन देखता है।
ये उसके अपने भाव हैं ,
उस रचना को किस....
रूप में देखता है ?
सोच का मिश्रण बन ,
बनता है ,सौंदर्य !
कोई प्रभु को देखता है।
कोई उसे अपने ,
आप में देखता है।
नजर बदली ,नजारे बदले ,
बदल गए ,विचार !
सुंदर नार सामने खड़ी....
बदल गया , आचार !
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