Suno meri baaten !

 व्यर्थ की हैं ,ये बातें !

क़िताबी बातें ,हकीक़त से परे ,

उच्च सोच ,मीठी ,मधुर बातें !

धैर्य  की ,प्यार भरी बातें ! 

कितनी सुंदर लगती है ?

मन को मोहने वाली बातें !


ज्ञान की बातें ,दर्शन बातें !

बातों का क्या है ?

लोग करते ही रहते हैं। 

कुछ तेरी -मेरी बातें !

अद्भुत और विचारणीय बातें !

मन को बहलाने वाली बातें !

कुछ झूठी ,कुछ सच्ची बातें !

वीर रस से ओत -प्रोत ,

कुछ शृंगार की बातें !

कुछ बेमतलब की बातें !

मन को हंसा देने वाली ,

चुलबुली ,कुछ बेतुकी बातें !

हर उम्र में ,होती रहती हैं ,बातें !


सौंदर्य से जुडी ,कुछ छोटी -छोटी बातें !

धन की बातें ,कुछ लम्बी बढ़ती जाती बातें !

दादी -नानी की बातें ,ननद -भाभी की बातें !

बातों का क्या है ?उठ ही जाती हैं ,कुछ फ़िजूल की बातें !

कुछ गॉसिप मिल ही जाते हैं ,अच्छी लगती हैं ,लच्छेदार बातें !

तरकस में ,भरी होती हैं ,व्यंग्य भरी बातें !

सहानुभूति पूर्ण ,चालाकी भरी बातें !

वास्तविकता से परे ,सौंदर्य पूर्ण बातें !

इन बातों में ही तो छिपा है ,'वास्तविक सौंदर्य '!

जो कुरूप को भी ,अपनी बातों से सुंदरता का एहसास दिला दे।

ऐसी सौंदर्य से परिपूर्ण ,लिख दीं ,मैंने !विचारणीय बातें ! 

laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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