माना कि ,शहरों ने जीवन में ,
आगे बढ़ने की ललक जगाई है।
शहरों में आकर ही........
मानव ने उन्नति पाई है।
गांव में ,मानव जीवन शांत सादगी भरा है।
शहर में आकर ही, मानव ने,
इसकी कीमत चुकाई है।
अपनी सादगी छोड़ ,शहरी जिंदगी अपनाई है।
शहर सुंदर सपने दिखाता है ,
फिर भी शहर हर किसी को ,
कहाँ रास आता है ?
उन सपनों हेतु ,उसने अपनी जड़ें गंवाई हैं।
तब भी शहरी ,चकाचौंध ने ही ,
गाँव से ज्यादा उन्नति पाई है।
