सितारा बनकर रह गया ,
मात्र इक आँसू।
जो बह न सका ,
किसी प्यारी कसम से।
पशोपेश में था ,कि
बाँधा किसी ने अपने से।
प्यार ने बाँधा इसे
प्यार से ,प्यार के लिए बहाना चाहा।
उस सितमगर ने तो देखा भी नही,
अचकचाकर रह गया।
बहना चाहकर भी ,बह न सका।
उस अहसास की याद दिला गया।
दिल में उठा वो तूफ़ां ,
भीतर ही दफ़न होकर रह गया।
उस ऑंसू की कीमत का ,
किन्तु मुझे भीतर तक झकझोर गया।
वो मात्र एक बूँद आंसू ,
जो लुढ़क न सकी ,
मेरे कपोल से अधरों तक ,
कंचुकी से आँचल तक ,
थिरक कर रह गया ,
वो कपकँपाता सितारा ,
वो झिलमिलाता सितारा।
नयनों में इन्द्रधनुष बन छा गया।
आँख का मोती बनकर रह गया।
मेरा प्यारा सितारा ,
मेरा आँसू ,मेरा इंद्रधनुष।