क़लम पहले भी चलती थी ,आज भी चल रही है, ज़माने से चलती आ रही है। वो सुंदर साहित्य ही नहीं लिखती ,समाज को आइना भी दिखला देती है। जब कलम ठान लेती है ,सच्चाई के लिए लड़ना है ,तब उसकी गति को कोई नहीं रोक सकता। कलम अनवरत चलती रही है। कलम की स्याही का उद्देश्य ,सच्चाई को उजागर करना है। समाज को उसकी सच्चाई से रूबरू कराती है।
तभी तो आज हम अपना इतिहास पढ़ पा रहे हैं। स्याही का रंग कोई भी हो ,उसे तो बस 'लेखन 'से मतलब है। वो लेख जो किसी के लिए प्रेरक बन जाता है।कभी मनोरंजक ,कभी मार्गदर्शक बन जाता है। कलम जब समाज में देखती है, किसी के साथ अन्याय हो रहा है ,समाज में क्या बुराइयां फैली हैं ? उनसे कलम ही अवगत कराती है, तब भी वो चुप नहीं बैठती है।समय -समय पर क़लम के शत्रु भी बहुत बन जाते हैं किन्तु यह निर्भीक होकर चलती रहती है।
कई बार तो कलम के माध्यम से सत्ता पलट की नौबत आ जाती है। क़लम की सच्चाई कई बार तो लोगों को भारी पड़ जाती है ,उनके लिए तो 'तलवार की धार' बन जाती है। समाज में बदलाव की पहले भी आवश्यकता थी और समय -समय पर परिवर्तन चाहिए। कलम समाज का आइना ,बनकर उन्हें उस सत्यता को परखने के लिए कहती है। अब कलम का रूप रंग -आकार बदला है ,किन्तु आज भी क़लम अनवरत चल रही है। वैसे देखा जाये तो यह कार्य कलमकार का होता है ,जो पत्रकार और लेखक के रूप में कार्य करते हैं। जो सच्चाई को गहराई से भी खींच ले आते हैं किन्तु ऐसे सच्चे क़लमकार का आज के समय में जीवन भी सुरक्षित नहीं है। जीवन किसको प्यारा नहीं होता , ईमानदारी की अंगीठी पर सच्चाई की रोटियां भी तब सिकतीं हैं ,जब उसमें ईंधन हो। बिना ईंधन तो अंगीठी भी नहीं जलती ,उसे जलाने के लिए कोयला खरीदना पड़ता है।
पत्रकार देश की आवाज होते हैं ,उसे किसी से कोई मतलब नहीं होता ,वो एक सच्ची आवाज होता है ,फिर वो आवाज किसी युवा ,वृद्ध ,गरीब या फिर किसी समुदाय से जुडी हो। इस कलम में देशभक्ति का जज़्बा है तो विद्रोहियों के लिए बवंडर है। ये ग़रीबों, पीड़ितों की आवाज़ है। यह किसी धर्म या जाति से जुडी नहीं होती। बस सच से जुडी होती है। इसने न जाने कितने ग्रंथ ,महाकाव्य लिखे, किन्तु ये कभी थकी नहीं। ये विभिन्न विधाओं में अपने जलवे दिखाने से भी परहेज़ नहीं करती।
तभी तो न जाने कितने शायर ,कवि ,गीतकार ,व्यंग्यकार इसके गुलाम रहे हैं। हालाँकि आज का युग ' डिजिटल ''बन गया है किन्तु आज भी क़लम का महत्व कम नहीं हुआ है। ये हमेशा ही हर युग में ,अन्याय के विरुद्ध लड़ती रहेगी। समाज के लोगों को जागरूक करती रहेगी। सच्चाई को उजागर करती रहेगी।
