Zara thahro !

 ये बीमारी, ये थकन ,कहती है - 

 थाम भी लो ! अब अपने बढ़ते क़दम !

 घुटनों का दर्द कहता -

बहुत चले हो ,तमाम उम्र !

अब तो हम भी, दुखने लगे हैं। 


तनिक ठहरो !जाना है, कहाँ ?

 कौन सी है ?मंज़िल ! सोचो, ज़रा !

चले जाना ,वहां सभी  जाते हैं। 

तनिक ,ठहरकर जाना !

नंबर तुम्हारा भी आएगा। 

क्यों सिलवटें हैं ? ये पेशानी पर ,

वो वक़्त भी नहीं रहा ,ये भी चला जायेगा। 

रहे हमेशा, गर्दिश में ,सितारे तुम्हारे !

आदत सी बन गयी है ,आगे जाना है। 

माना कि तुमने बड़ा परिश्रम किया है। 

देख लो ! समझ लो !लड़ते रहे जिसके लिए ,

वो भी एक माया है। 

इसी माया में सम्पूर्ण जगत समाया है। 

निकलो ! बाहर इस दलदल से ,

रूप -रंग भी अब कुम्भलाया है। 

क्यों ?हैरान हो ,सबका अपना जीवन है। 

क्यों ? तुमने ,मोह [बच्चे ]का भार उठाया है।

तनिक ठहरो !जीवन  को देखो !मुस्कुराओ !

ये जीवन फिर कब आया है ?

छोड़कर जाना इस जग को ,

फिर तुमने इस जीवन का,

 लुफ़्त क्यों नहीं उठाया है ?

थकता बदन कहता ,

बहुत हो चुकी भाग -दौड़ !

अभी तक जीवन में.... 

 बेफ़िक्री का आलम ! क्यों नहीं आया है ?

छूना था ,आसमान ,

जीवन जीते[जीतना ,जीना ] हो ,तुम !

अभी तक जीत का जश्न क्यों नहीं मनाया है ? 

खुलकर हंसो ! गहरी स्वांसों संग , 

 अनुभवों की पगडंडी पर.... 

 जीवन को राह दिखाना है। 

दौड़ो नहीं ,चलते रहो !बढ़ते रहो ! 

किन्तु तनिक ठहरो !

थकन तो उतार लो !

बेचैनियों को क्यों पनाह दी है ?

इस जीवन को तनिक खुशियों की बहार दो !

laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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