विपिन एक आईटी कम्पनी में इंजीनियर है ,वह घर में ही, रहकर कार्य करता है,उसकी पत्नी सुलेखा ,गृहकार्यों में दक्ष है ,पढ़ी -लिखी है ,जब विपिन से सुलेखा के विवाह की बात चल रही थी ,तब विपिन के घरवालों के अनुसार -''विपिन अच्छा कमाता है ,हमें लड़की की कमाई की कोई आवश्यकता नहीं है। हमें एक घरेलू और समझदार लड़की चाहिए जो हमारे घर को संभाल और संवार सके, उनकी मांग को देखते हुए ,सुलेखा के माता -पिता ने उन्हें यह नहीं बताया कि हमारी लड़की भी नौकरी करती है। उन्होंने बेटी अपनी को ही समझाया -''लड़का अच्छा कमाता है ,इंजीनियर है ,जब उन लोगों को ,बहु की कमाई नहीं चाहिए तो तुम क्यों परेशान होती हो ?तुम बस घर और लड़के का ख़्याल रखना और आराम करना।''
सुलेखा, अपनी लगी -लगाई नौकरी छोड़ना तो नहीं चाहती थी किन्तु घरवालों के कहने पर उसे अपनी लगी -लगाई नौकरी छोड़नी पड़ी और ससुराल में आकर घर संभाल लिया। माता -पिता का कहना था - अच्छा लड़का है ,तुम्हारी इस नौकरी के कारण यह रिश्ता हाथ से निकल जायेगा किन्तु उन लोगों ने ये नहीं देखा ,न ही सोचा लड़के का व्यवहार केेसा है ? वो बैठे -बैठे सुलेखा पर हुक़्म चलाता रहता ,सुलेखा ! जरा एक गिलास पानी देना !उस समय सुलेखा रसोईघर में व्यस्त अपने कार्य निपटा रही थी ,अभी लाई जी कहकर ,वह अपने ससुर को चाय देती है और विपिन के लिए पानी लेकर जाती है।
इतनी देर से पानी लाई हो ,क्या तुम्हें इतनी भी तमीज़ नहीं है कि तुरंत पानी लेकर आना चाहिए था।
ज्यादा देर नहीं हुई है ,आपके पापा के लिए चाय ही बना रही थी ,उन्हें चाय देते ही आपके लिए पानी ले आई ,सुलेखा के इतना कहते ही ,विपिन ने उसके मुँह पर पानी फेंककर मारा,अब सफाई दे रही हो। सुलेखा पानी में भीगी, अपराधबोध में ऐसे खड़ी थी जैसे उससे कोई बहुत बड़ा गुनाह हो गया हो। आई टी इंजीनियर विपिन एक अच्छी कम्पनी में नौकरी करता है ,वह घर से ही कार्य कर रहा है ,कार्य क्या करता है ?बल्कि सारा दिन घरवालों पर अपने काम का एहसान दिखाता रहता है। आये दिन, अपनी पत्नी सुलेखा का किसी न किसी बात पर अपमान कर देता है।
एक वर्ष तक ऐसी ही छोटी -छोटी बातों से अपमानित होते हुए ,एक दिन सुलेखा ,विपिन से बोली -''मैं तुम्हारी पत्नी हूँ ,कोई नौकरानी नहीं ,सम्मान देना नहीं जानते तो अपमान भी मत करो !''तुम कमाते हो, ये अच्छी बात है किन्तु मैं भी कम पढ़ी -लिखी नहीं हूँ ''यह कहकर सुलेखा ने एक दिन उस घर का त्याग कर दिया।
सुलेखा के जाने पश्चात ,पूरे घर को एहसास हो गया कि उनसे कितनी बड़ी गलती हो गयी है ?सुलेखा अपने घर जाकर अपने घरवालों से बोली -आप लोगों ने उसकी कमाई और अच्छा रिश्ता तो देख लिया किन्तु उसकी नजरों में किसी भी रिश्ते का कोई महत्व नहीं है ,वो औरत की इज्ज़त करना ही नहीं जानता ,अब मैं उस घर में कभी वापस नहीं जाऊँगी ,''भले ही अब वो कितनी भी नाक रगड़े '' मैं और अपमान सहन नहीं करूंगी।मैं पहले भी नौकरी करती थी ,अब भी ,मैं नौकरी करके सम्मान के साथ जीना चाहती हूँ।
सुलेखा के चले जाने के पश्चात ,विपिन के घरवालों को भी एहसास हुआ कि उनके बेटे से कितनी बड़ी गलती हो गयी है ? वो बेचारी !अकेली ही घर के सम्पूर्ण कार्य संभाले हुए थी। तब उसके माता -पिता ने अपने बेटे को भी डाँटा और सुलेखा से विनती की -अब से उनके बेटे कोई गलती नहीं होगी ,तब वे अपनी बहु को मनाकर अपने घर की रौनक वापस ले आये।
