करना क्या है ?देखकर सपना ,
कोई सपना ,कब हुआ ?अपना।
सोकर पूरा नहीं होता ,सपना।
खुली आंखों ,तुम देखो !सपना।
वही है ,सच्चा ! वही है ,अपना।
जो प्रातः उठते........
वही स्वप्न अपने ,पूर्ण हैं करते।
सोच अपनी , परिश्रम अपना।
वही होता ,सुंदर ,सच्चा सपना।
अच्छी नई ,ताजगी भरी सुबह।
लाती जीवन में खुशियां! लगता,
जैसे हो ,वह ''सुबह का सपना।''
