'' संघर्ष ''बहुत जीवन में
बढ़ती ,जीने की चाहत।
आगे बढ़ने ,की चाहत।
जीता है ,लड़ता है।
'' जीतना''चाहता है।
दो पाटों के मध्य फंसा,
तब भी ,मुस्काता है।
प्यार, मोहब्बत के,
दावे करता........
तारे, तोड़ लाता है।
सपनों को जीता है।
अकड़ ,अपने दम पर,
दर्द भरा ,जीवन में,
मिले एकांत ! रोता है।
टूटता है ,उठ खड़ा हो,
देता, जीवन को टक्कर,
अकेला पड़ जाता कभी,
ग़ैर के दर्द को समझ,
उसे भी अपना लेता है।
'हमदर्दी ',सहानुभूति ',
संघर्ष उसके पास है।
आज भी रिश्तों को,
उससे ही आस है।
रिश्ते उसके पास हैं।
सुख- दुःख में खड़ा,
आज भी वह साथ है।
'संघर्षों 'से जूझता,
आज भी 'इंसानियत,'
उसके पास है।
यही ''मिडिल क्लास ''
की बात है।
