Shrapit kahaniyan [part 60]

आजकल  कुछ अलग ही वातावरण हो रहा है ,शायद प्रकृति ही यही चाहती है , इससे पहले की नकारात्मक शक्तियां और बढ़े ,प्रकृति भी चाहती है कि उसको ,पहले ही संभाल लिया जाए। 'अवतार 'ने जन्म ले लिया है ,वह भी अपने रूप  में आ गया है। कॉलेज के अध्यापकों ने भी मिलकर, साधु -संतों को बुलाकर , वेद मंत्रोच्चारण द्वारा उस वातावरण को शुद्ध करवाया है ,जो उनके कॉलेज में अनिष्ट करने का कारण बन रहा था, जितनी भी नकारात्मक शक्तियां थीं , तंत्र इत्यादि को भी ,ढूंढा गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया है।सीढ़ियों के नीचे जो तंत्र बने हुए थे ,उनको वहां से हटाकर , उस स्थान को शुद्ध किया गया।   इसी कारण से अब ,कुंभर्क कॉलेज के अंदर नहीं जा पा रहा है। नकारात्मकता वहाँ प्रवेश न करे ,इसीलिए उपाय किये गए थे। जो विद्यार्थी आकस्मिक मौत का शिकार हुए ,उनकी आत्मा की शांति के लिए भी उपाय किये गए ,ताकि वे आत्माएं भटके न......  कुंभर्क के दोस्त भी,कॉलिज के बाहर उसके करीब ही खड़े थे तभी एक लड़की उसके करीब से निकल कर जाती है। उसके इस तरह से निकलकर जाने से ,कुंभर्क को कुछ अजीब सा लगता है। उसे एक तेज झटका लगता है ,यही एहसास उसके शैतानी दोस्तों को भी होता है जो ''शैतान ''को  पूजते हैं।


' अवतार ' लोगों को, अपने आने वाले समय के लिए तैयार कर रहा था। ताकि वह हर परिस्थिति के लिए तैयार रह सकें। उनके मन में किसी भी तरह का भय ना रहे।हवाएं भी अब ख़ुशनुमा बह रहीं थीं। किन्तु उसी स्थान तक  ,कुंभर्क की गुफा के समीप अभी ,स्वच्छ वायु को प्रवेश करने से भी ड़र लग रहा था। वहाँ के वातावरण में अभी कोई बदलाव नहीं आया था।  

वह लड़की कॉलेज के अंदर जाती है, उसे देखकर एक लड़की कहती है -अरे ! तुम यहां ,कैसे ?

मुझे अपने भाई का  का पता लगाना है, आखिर वह कहां गया ? यही जानने के लिए ,मैंने इस कॉलेज में अपना दाखिला करा लिया है। यह लड़की और कोई नहीं, विरार की बहन शेफाली है , जो अभी कुछ देर पहले ,कुंभर्क  से टकराई थी। उसमें कुछ दैवीय शक्तियां हैं ,शायद वह स्वयं भी नहीं जानती। अपने भाई का पता लगाने के लिए ,उसने उस कॉलेज में दाखिला ले लिया। वो जानती है -कि मेरे भाई के खो जाने का  राज यहीं  से मिलेगा ,किन्तु  कहां से और कैसे शुरुआत करनी है ?अभी यह नहीं समझ पा रही है।

 कुंभर्क अभी कॉलेज के अंदर नहीं जा पा रहा है , जो उसके दोस्त हैं वह सभी उसके साथ उसकी गुफा में जाते हैं। कुंभर्क  को आज कुछ अलग ही महसूस हो  रहा था ,वह नहीं जान पा रहा था ,वह कौन सी शक्ति है ? जो उसे इस तरह चोट पहुंचा सकती है। वे सभी अपनी गुफा में प्रविष्ट करते हैं , और शैतानी ताकतों का आवाहन करते हैं- काली शक्तियां कायम हों , अंधेरा कायम हो ,शैतान का राज्य कायम हो ,कहते हुए एक घेरा बनाते हैं ,उन सभी के काले कपड़े और वहां का वातावरण देखते हुए ऐसा लग रहा था ,जैसे यहीं पर नर्क आ गया है। तब कुंभर्क  ने अघोरी के साथ संपर्क बनाने के लिए , अपना ध्यान केंद्रित किया। किंतु यह क्या ?आज उसका ध्यान लग ही नहीं रहा था अचानक ही ,कोई बिजली कौंध जाती , और वो अघोरी से सम्पर्क नहीं कर पाता वह समझ नहीं पा रहा था कि यह किस कारण से हो रहा  है ?

उधर शेफाली को भी अनेक परछाइयां दिख रही थीं  ऐसा लग रहा था जैसे ,सपने में कोई उससे संपर्क करना चाहता है। उसको भी कुम्भर्क से छू जाने पर अजीब सा महसूस हो रहा था कि वह कौन सी शक्ति है जो उसे छू कर गई और उसे कुछ अलग ही आभास दे कर गयीं । शेफाली को लग रहा था -कुछ काली परछाइयां उसके आगे पीछे घूम रही हैं ,या उस पर नजर रखे हुए हैं। 

अवतार को भी उन साधु बाबा ने बता दिया था कि शीघ्र ही वह समय आने वाला है जब तुम्हें उस शेफाली नाम की लड़की के साथ मिलकर कुंभर्क से लड़ना होगा। 

तांत्रिक से कोई भी संपर्क नहीं कर पा रहा था ,तब वह अपनी ऊर्जा से ,अपने सूक्ष्म रूप में  ,उसके करीब ,उसकी गुफा में पहुंच गया। तांत्रिक  के आने का आभास अवतार  और बाबा को हो गया था और वे अपनी दिव्य शक्ति से समझ गए थे कि यह तांत्रिक और कोई नहीं चंडालिका  का भाई  ही है , वही चांडालिका जिसने इस गांव को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उसने  मरते -मरते भी ,उन  सभी  इंसानों को  मिट्टी के पुतले बना दिया । अब उसका भाई अपनी बहन का बदला लेना चाहता है उससे पहले ही बाबा ने अवतार को बुला लिया था।

शेफाली सो रही थी ,तभी एक प्रकाश होता है ,उस प्रकाश से उसकी आँखें बंद हो जाती हैं फिर भी वो देखने का प्रयास करती है, एक दिव्य महात्मन ,उससे कह रहे हैं -बेटी !तुम्हें अपने भाई का ही पता नहीं लगाना है ,वरन और लोगों को भी बचाना है। आसुरी शक्तियां बढ़ती जा रहीं हैं ,जैसे -जैसे उसकी  शक्तियां  बढ़ेंगी ,वैसे -वैसे ही ,यहाँ के लोगों को कष्ट घेर लेंगे, उन्हें बीमारियां हो जाएंगी ,पानी जहरीला होने लगेगा ,लोग मरने लगेंगे ,या फिर उस शैतान के चंगुल में फंसकर शैतानी शक्तियों के वश में हो जायेंगे। अपने ही लोगों के दुश्मन हो जायेंगे। 



तब इन हालातों से कैसे छुटकारा मिलेगा ? शेफाली परेशान होते हुए बोली। 

इसके लिए ,तुम्हें अवतार का साथ देना होगा ,अपनी शक्तियों का प्रयोग करना होगा। 

शक्तियां ! कैसी शक्तियाँ ?और ये अवतार कौन है ,वो स्वयं तुम्हें मिल जायेगा अभी समय नहीं आया है। तभी किसी ने शेफाली को आवाज लगाई -शेफाली ! अरे ओ लड़की क्या कर रही है ? इतना कर्कश स्वर उसकी मकान -मालकिन  का ही है। वो हड़बड़ा कर उठ बैठी ,क्या इतना सुंदर सपना देख रही थी ?इस मकान मालकिन की आवाज..... उसे लगा जैसे स्वर्ग में घूमते -घूमते एकदम से नर्क में आ गयी हो , पर ये स्वप्न क्या था ?कौन थे ?वे दिव्य पुरुष !ये अवतार कौन है ? कई प्रश्न उसके मन में घूमने लगे। 


laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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