इक अनबूझ पहेली बना रहस्य , सुलझाओ जितना..... ,उलझाए उतना ही ये..... रहस्य!
जिसने भी इसको जानना चाहा ,आपने आपको ही भूल गया ,सुलझा सका न कोई रहस्य !
ये तो दुनिया के रहस्य ,आज तक जान सका न कोई अपने मन का रहस्य !
रहस्यों की ख़ोज करना लगता है अच्छा ! जो जान गए ,केेसा ? वो रहस्य !
एवरेस्ट की ऊंचाई पर चढ़ने वाला भी, जान सका न ,'कैलाश 'का रहस्य !
रहस्यों कि इस दुनिया की हम, छोटी इकाई ,कैसे जाने ? इतने रहस्य !
पुरी का मंदिर ,भूतों का मंदिर और भी न जाने कितने रहस्य !
कुदरत की दी ,ये पहेली , सुलझा सका न.. कोई रहस्य !
जिसको ,जानकर भी जाना नहीं ,ऐसा कैसा? ये रहस्य !
आज भी ''अश्वत्थामा ''बना हुआ है , एक रहस्य !
परत दर परत ,इसमें छिपे न जाने कितने ?रहस्य !
पौराणिक रहस्य ,आज भी बने हुए हैं ,इक रहस्य !
जाने कितनी जाने गयीं ?सुलझा न सका कोई रहस्य !
