कोई 'चिंगारी ' दिल में जलाओ तो सही !
बुझने न पाए वो प्यास ,बढ़ाओ तो सही !
सुलगती रहे चिंगारी ,हवा चलाओ तो सही !
ज्ञान से ज्ञान की ज्योति ,जलाओ ,तो सही !
होता रहे ,दिलों में प्रकाश ,सामने आओ तो सही !
जलती रहे प्रेम की लौ ,लौ से लौ मिलाओ तो सही !
देश हमारा है ,हम सबका है ,कोई ''चिंगारी ''भड़काओ तो सही !
सहज ही नहीं ,यूँ किसी का साथ देना ,तनिक हाथ बढ़ाओ ,तो सही !
