मैं भी सपना देखती थी.....
मेरे सपनों का राजकुमार ,
हाथ में फूल ले ,घोडे पर सवार हो ,आएगा।अपने घोड़े पर बिठा ,अपने देस ले जायेगा।
समय बदला ,उसकी मूरत बदली ,सवारी भी ,
अब हवा में सवार ,हवा से बातें करता मुझ पर फूल बरसायेगा।
सपनों का राजकुमार तो, बाहर नहीं आया।
घोड़ी पर सवार हो, कोई बारात लेकर आया।
सपनों से बाहर आ, हकीक़त से परिचय कराया।
वो सपनों में नहीं, वो हकीकत में सामने आया।
परेशानियों में हमेशा ,उसे अपने साथ खड़ा पाया।
ख़ुशी हो या ग़म ,सभी जगह उसने ही हमेशा साथ निभाया।
