Mahashakti

 हर जीव में शक्ति है ,

'' उसका ''ही अंश..... 

 हर जीव,हर मानव है। 

हर नारी में शक्ति है। 

उस रूप में महाशक्ति

 की पहचान कौन करे ?

अंश है ,तू भक्ति का ,

ये ज्ञान तुझमें ,कौन भरे ?


 शक्ति तेरे रूप अनंत ,

 ये अवतार कौन धरे ?

शक्ति पुंज बन तू ,

महाशक्ति कौन बने ?

 अमृत को पीने वाले ,

विष प्याला कौन पिए ?

लूटी किसी की दुनिया ,

दुनिया में रंग कौन भरे ?

शक्ति हर मानव में ,

'महाशक्ति 'कौन बने ?

रोते को हंसा ,भूखे को खिला ,

ऐसी सेवा कौन करे ?

धरा पर भार है ,शक्ति अनंत ,

उस धरा का मान कौन धरे ?

एक वही महाशक्ति है ,

पहचान उसकी कौन करे ?

 

laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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