इक नन्हा सा दिल ,
न..... जाने,
क्या -क्या झेलता है ?
प्यार कर......
ग़ैर का हो जाता है।
ग़ैर के गम.....
को भी अपना लेता है।
दिल टूटने के......
कारण तो हजारों हैं ,
किन्तु दर्द .......
इस अकेले का होता है।
मोहब्बत में........
रुसवा हुआ ,तो रोता है।
मोहब्बत में.....
फ़ना हुआ ,तो भी रोता है।
दर्द -ए -दिल......
मुस्कुराते लबों से छुपाता है।
