'गृहणी ' ने..... ,
गृहण कर लीं ,ज़िम्मेदारियाँ।
गृहणी बन उसने घर को .....
संभालने की कर लीं,तैयारियां ।
वो कोई नौकरी नहीं ,अपने.....
परिवार के प्रति प्रेम बरसाती थी।
उनके सुख -दुःख के लिए ,
दिन -रात कहाँ देख पाती थी ?
समझनेवालों के लिए.......
चौबीसों घंटे की नौकरी बजाती थी।
इस बात की उसे परवाह नहीं ,
वो तो बस ,अपने बड़ों का आशीष पाती थी।
''गृहणी ''से अब वो ,''हाउस वाइफ ''हो गयी।
पति की ही नहीं ,''घर की ही पत्नी ''बन गयी।
पत्नी बन ,वो कहाँ ? काम कर पाती हैं ।
पत्नी की तरह ही ,सब पर हुक़्म चलाती हैं ।
बात -बात ,में नखरे दिखलाती हैं ।
सज -धजकर नौकरी की धौंस दिखलाती हैं।
ऐसी पत्नी कहाँ ? ज़िम्मेदारियाँ संभाल पाती हैं ।
कोई -कोई तो ,''ऑल राउंडर ''ही बन जाती है।
