जीवन एक मेला है ,
सुख हो या दुःख ,
ख़ुशी हो या ग़म ,
रात हो या दिन ,
जीवन हो या मरण ,
सबने सब कुछ झेला है।
सुख कोई बांटता नहीं ,
दुःख कोई लेता नहीं ,
ये जीवन के पहलू हैं।
रात के बाद उजाला है ,
दिन के बाद ,अँधेरा है।
ये ही जीवन का मेला है।
हर मानव अकेला है।