ज़िंदगी से तुम जीतते हो,
तो तुम वीर हो।
अपने देश की शान हो ,
इंसानियत से जीतते हो,
तो तुम वीर हो।
जान की परवाह किये बग़ैर ,
जान -जोख़िम में डालते हो,
तो ,तुम वीर हो।
किसी की रक्षा के लिए ,
बुराई से लड़ते हो ,
तो तुम वीर हो।
किसी के बहते अश्कों को ,
पोंछ सको तो ,तुम वीर हो।
किसी की उम्मीदों का सहारा ,
बन सको ,
तो तुम वीर हो।
डूबते का किनारा हो ,
तो तुम वीर हो।
देश की आन के लिए ,लड़ सको ,
तो तुम वीर हो।
अपने संकल्पों पर दृढ़ रहो ,
तो तुम वीर हो।
किसी भूले को तुम ,राह दिखा सको ,
तो तुम वीर हो।
