किसी दोस्त के, प्यार को लेकर,
अपनापन दर्शाते हैं।
किसी प्रेमी की प्रेमिका संग ,
अपना फर्ज़ निभाते हैं।
'परिणीता 'के जूड़े को ,अपनी महक से महकाते हैं।
दुल्हन के श्रृंगार तक।
दुल्हन के पैरों से लेकर ,
उसकी 'सेज़ 'सजाने तक।
किसी भी पर्व में , घर को खूब सजाते हैं ,
ये रंग -बिरंगे फूल ,गैरों का जीवन महकाते हैं।
काँटे संग लिए फिरते हैं ,
फिर भी मुस्काते रहते हैं।
सैनिक के उपहार से लेकर ,
उसके शहीद होने पर ,उसे सम्मान दिलाते हैं।
ये रंग -बिरंगे पुष्प, हैं ही ऐसे ,
अपने संग -संग, गैरों का भी मान बढ़ाते है।
