माता -पिता आदरणीय हैं ,
सम्मानीय हैं ,उनकी जान हैं,हम।
बच्चे ,माता -पिता की जान हैं।
यही उनकी पहचान है।
ज़िंदगी में ,एक जान ऐसी आ जाये ,
ज़िंदगी के मायने ही बदल जाएँ।
चलती हवा,
बहती बयार लगने लग जाये।
उसके आने पर,
हवा का झोंका भी ,
महकी पवन का झोंका लगता है।
दिन में भी ख्वाब,सुहावना दीखता हैं।
उसके संग ,
हर ख्वाब लुभावना लगता हैं।
वो जान.. जिसके प्यार में ,
दुनिया सुहावनी लगती है।
वो जान....!
ज़िंदगी में आये ,बाहर बनकर ,
दिल लुभाये करार बनकर ,
वो जान,जीवनभर साथ निभा जाए ,
ऐसी कोई ,मेरी ज़िंदगी में आ जाये।
''मेरी जान'' बने, ऐसी कोई मिल जाये।
