Khufiya mishan

 चम्पू को चम्पू की माँ ने ,अपने पास बुलाया।

एक ''सीक्रेट मिशन''बेटे को प्यार से समझाया। 

क्या करते हैं ?पापा !उनकी निगरानी पर लगाया। 

अब तो ,चम्पू ने मम्मी के शक़ का लाभ उठाया। 


''मिशन पॉसिबिल'' का तगड़ा मेहनताना पाया। 

कहाँ जाते ?पापा !पड़ोसन से कैसे नैन लड़ते पापा !

चम्पू ने मम्मी को ,अपने मिशन का राज़ बतलाया। 

 पापा से कर, सांठ -गांठ का जमकर लाभ उठाया। 

 पापा के राज छुपाने का उसने, तगड़ा इनाम  पाया। 

  बेटे ने ही 'खुफिया मिशन' में,तगड़ा लाभ कमाया। 

 दोनों के शक़.... का चम्पू ने जमकर लाभ उठाया । 

पोल खुली जब चम्पू की ,तब दोनो ने ये फ़रमाया। 

पति -पत्नी के शक़ का ,हर' तीजे' ने लाभ उठाया।  

मत करो, लड़ाई -झगड़ा ,इसका कोई पार न पाया। 

 घर में ही रह, आपस में ,झगड़ा दोनों ने सुलझाया।  

laxmi

मेरठ ज़िले में जन्मी ,मैं 'लक्ष्मी त्यागी ' [हिंदी साहित्य ]से स्नातकोत्तर 'करने के पश्चात ,'बी.एड 'की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात 'गैर सरकारी संस्था 'में शिक्षण प्रारम्भ किया। गायन ,नृत्य ,चित्रकारी और लेखन में प्रारम्भ से ही रूचि रही। विवाह के एक वर्ष पश्चात नौकरी त्यागकर ,परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभाली। घर में ही नृत्य ,चित्रकारी ,क्राफ्ट इत्यादि कोर्सों के लिए'' शिक्षण संस्थान ''खोलकर शिक्षण प्रारम्भ किया। समय -समय पर लेखन कार्य भी चलता रहा।अट्ठारह वर्ष सिखाने के पश्चात ,लेखन कार्य में जुट गयी। समाज के प्रति ,रिश्तों के प्रति जब भी मन उद्वेलित हो उठता ,तब -तब कोई कहानी ,किसी लेख अथवा कविता का जन्म हुआ इन कहानियों में जीवन के ,रिश्तों के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। आधुनिकता की दौड़ में किस तरह का बदलाव आ रहा है ?सही /गलत सोचने पर मजबूर करता है। सरल और स्पष्ट शब्दों में कुछ कहती हैं ,ये कहानियाँ।

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