वो दिन......
भूले नहीं भूलते ,
आज भी स्मृतियों में ,
बसे हैं ,तुम्हारा केंटीन ,
में आना ,चुपके से.....
मुझे निहारना।
निग़ाहों ही निग़ाहों में ,
कुछ कह जाना।
जादू सा लगता है।
एक कप कॉफी ,
तो बहाना है ,तुम्हारा
मेरे क़रीब आना है।
आज भी खो जाते हैं ,
उन मधुर स्मृतियों में ,
एक कप कॉफी संग ,
जीवन के प्यारे रंग।