इच्छा शक्ति दृढ़ न हो ,
तब तक बात नहीं बनती।
सोच अच्छी और सच्ची न हो ,
तब तक राह नहीं खुलती।
कर्म करते जाना है........
दृढ़ संकल्प लें ,आगे बढ़ते जाना है।
मेहनत से न घबराकर......
बूँद -बूँद से सागर भरते जाना है।
इस इच्छा में ,ऐसी शक्ति है ,
जो पंगु को भी ,पहाड़ चढ़ा सकती है।