यम की पूजा कर ,उन्हें मनाती हैं ।
बहनें अपने भाई को,अपने घर बुलाती हैं।
उनके लिए ,स्वादिष्ट पकवान बनाती हैं।
इसीलिए बहनें उन्हें अपने घर बुलातीं हैं।
उसकी लम्बी उम्र की, दुआ मनाती हैं।
इसीलिये भाई को ,आपने घर बुलाती हैं।
अक्षत ,कुमकुम ले ,व्रत का संकल्प कर......
थाली सज़ा ,बड़े प्रेम से उसे घर बुलाती हैं।
दीर्घ आयु हो भाई मेरा ,ये आस लगाती हैं।
अपने भाई के लिए ,दुनिया से लड़ जाती हैं ,
इसीलिए बहनें भाई को अपने घर बुलाती हैं।
वैसे तो बात -बात पर लड़ती जाती हैं ,
समय आने पर भाई की ढाल बन जाती हैं।
इसीलिए भाई के लिए ,ख़ुशियाँ मनाती हैं।
पापा की मार से बचाने के लिए ,
हर बात छुपाती हैं ,
यमुना में नहा ,बैकुंठ का द्वार खुलवाती हैं ,
इसीलिए भाई को अपने घर बुलाती हैं।
