''बावरा मन ''क्या चाहता है ?
ये बावरा मन.......
बुझते दीयों में रौशनी चाहता है।
ये बावरा मन........
टूटे , रिश्तों को जोड़ना चाहता है।
ये बावरा मन.....
उदास सपनो में, रंग भरना चाहता है।
ये बावरा मन.......
रिश्तों की लौ को जलाना चाहता है।
ये बावरा मन.......
दिलों को दिलों से मिलाना चाहता है।
ये बावरा मन.....
ज़िंदगी की कड़वाहट में मिठास भरना चाहता है।
ये बावरा मन......
टिमटिमाती आशाओं में ,उम्मीदें चाहता है।
ये बावरा मन......
जीवन में ,रंगोली के रंग भरना चाहता है।
ये बावरा मन......
ठंडे पड़े रिश्तों में, गर्माहट चाहता है।
ये बावरा मन......
