मुहब्बत से पहले ,दिल लगाने के बाद ,
इक बार ,दीदार ए यार जरूरी है।
उस हसीन यार का ,दीदार जरूरी है।
तन्हाइयों के आगोश में, समा जाने से पहले ,
मेरी ख़ुशियों का दीदार ए यार जरूरी है।
ज़ाम में डूबने से पहले ,इश्क़ लड़ाने के बाद ,
उस यार का मेरे पहलू में आना जरूरी है।
ख़ुशियाँ मेरी ,लूट भी गयीं , तो क्या ?
उसकी मुहब्बत का फ़लसफा भी ज़रूरी है।
उसके इश्क़ की गहराई में ,उतरने से बाद......
इक बार ,धड़कनों का गिनना जरूरी है।
जिन्दा रहने के लिए साँस जरूरी है।
जीवन में ,दीदार ए यार भी जरूरी है।
