कुछ लोगों ने फ्री की खाई है ,
ये उन्हीं की रुसवाई है।
जिसने भी मेहनत की खाई है ,
उसने ही आज भी की, कमाई है।
चायवाले ने देश की शान बढ़ाई है।
मुफ्तखोरों को नानी याद दिलाई है।
चायवाले ने भी ,कसम खाई है।
देश की बेटियों की इज्जत बढ़ाई है।
कर दिया ,खोखला देश को ,
ऐसों की आफत आई है।
कुछ भी हो ,अपने देश की शान बढाई है।
माना कि, बढ़ाई महंगाई है।
अपने देश की कीमत तो ,नहीं लगाई है।
ग़ैर की भी न सही ,
अपनी भी जेब तो नहीं छलकाई है।
