उसने तो ,भुला देने की,
सलाह दी थी ,उस.....
आखिरी मुलाकात'' में।
उससे हुई मुलाकात !
आख़िरी नहीं रही। जब उससे मिला ,
उन मुलाकातों को ,
उसकी यादों को ,
अपनी आँखों में ,
संजो लाया था।
जब भी जी चाहता है।
उसे दिल के किसी ,
कोने में देख.......
मुस्कुरा लेता हूँ।
उससे मेरी ,हर बार ,
नई मुलाकात होती है।